विदेश से आती है कॉल, तो जाएं सावधान

नई दिल्ली(3 फरवरी): अगर आपके फोन पर विदेश से कोई कॉल आ रही है लेकिन नंबर लोकल दिखा रहा हो तो आपको सतर्क हो जाने की जरूरत है।

- टेलिकॉम इंडस्ट्री में यह एक नए तरह का अपराध है जो दुनिया भर में तेजी से फैल रहा है। इसे सिम बॉक्स फ्रॉड कहा जाता है।



- इस तरह के हो रहे फ्रॉड से ऑपरेटर्स और सरकारों को न केवल अरबों का चूना लग रहा है बल्कि देश की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है।

- एशिया, यूरोप और अफ्रीका इसके सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं। पिछले साल सिएरा लिओन और घाना जैसे देशों में इस तरह का फ्रॉड करने वाले कई रैकेट पकड़ में आए हैं। सिम बॉक्सेस को यूके समेत कई देशों में कानूनी वैधता प्राप्त है। सिम बॉक्सेस का हालांकि कमर्शल इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है।

-कम्युनिकेशन्स फ्रॉड कंट्रोल असोसिएशन (CFCA) की 2013 में जारी की गई एक रिपोर्ट में बताया गया है कि सिम बॉक्स फ्रॉड टेलिकॉम इंडस्ट्री के 5 सबसे ज्यादा बड़े खतरों में से एक है जिससे हर साल 3 बिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है।

-ऐंटी फ्रॉड स्पेशलिस्ट रीवेक्टर स्टेट्स के एक सर्वे के मुताबिक, सिम बॉक्स फ्रॉड और ओवर-द-टॉप हाइजैक दो सबसे बड़े खतरे हैं। ओवर-द-टॉप हाइजैक फ्रॉड से मोबाइल ऑपरेटर्स को कॉल टर्मिनेशन चार्जेस से होने वाले राजस्व में करीब 20 प्रतिशत का नुकसान होता है।

- दुनिया भर की टेलिकॉम फर्म्स इस तरह की धोखाधड़ी से खुद को बचाने के लिए तमाम कोशिशें कर रही हैं। पिछले सप्ताह प्रकाशित हुई एक ऑनलाइन रिपोर्ट में बताया गया है कि एफ्रीवेव टेलिकॉम ने घाना में सिम बॉक्स फ्रॉड को रोकने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। पिछले साल घाना रीयल एस्टेट्स डिवलपर्स असोसिएशन (GREDA) के पूर्व सीईओ को इस तरह की धोखाधड़ी में लिप्त पाए जाने पर दो साल जेल की सजा सुनाई गई।

-भारत में भी इस तरह के धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। साउथ दिल्ली के एक सॉफ्टवेयर इंजिनियर और उसके 9 सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद इसी तरह के रैकेट का भंडाभोड़ हुआ। उत्तर प्रदेश आतंक निरोधी दस्ता और जम्मू-कश्मीर की सैन्य खुफिया इकाई को दिल्ली और यूपी में रैकेट का खुलासा किया। आर्मी ऑफिसर्स को की जा रही जासूसी कॉल्स की जांच के दौरान इस रैकट का खुलासा हुआ।

-इस गिरोह का मास्टरमाइंड गुलशन सैन राजस्थान के सीकर का रहने वाला है। वह पंजाबी बाग इलाके में इंजिनियरिंग कोचिंग इंस्टिट्यूट ब्रान्च का 'टेक्निकल हेड' के तौर पर काम करता था। अब तक पुलिस ने कुल 22 सिम बॉक्स यूनिट्स, 140 प्रीपेड सिम्स, 10 मोबाइल फोन्स, 28 डेटा कार्ड्स और 5 लैपटॉप बरामद किए हैं।

-सिम बॉक्सेस का इस्तेमाल किसी फॉरेन लोकेशन से VoIP कॉल्स रूट करने में किया जाता है। इस तरह से रिसीवर के फोन पर इंडियन नंबर डिस्प्ले होता है। इस वजह से सुरक्षा एजेंसियों को संदिग्ध कॉल्स को ट्रैक करने में भी भ्रम पैदा होता है। एक इन्वेस्टिगेटर ने बताया, इससे कॉल की गुणवत्ता तो खराब होती है लेकिन कॉल स्पूफिंग और सिम बैंक्स कॉलर की आइडेंटिटी छिपा लेते हैं।