डेढ़ साल की उम्र में बेटा हो गया था जुदा, 21 साल बाद मिला

नई दिल्ली (10 जून) :  कहानी पूरी फिल्मी है। एक बच्चा जिसे सिर्फ डेढ़ साल की उम्र में ही मां से जुदा कर दिया जाता है। मां के पास रह जाती है तो उसकी बस एक फोटो। फिर वही बच्चा 21 साल बाद मां के सामने आकर खड़ा हो जाए तो मां-बेटे की क्या हालत हुई होगी, आप ये अंदाज़ लगा सकते हैं। ऐसा ही वाकया गुरुवार को कैलिफोर्निया में हुआ।

मारिया मैंसिया नाम की इस महिला के पास बच्चे का बस एक फोटो ही था। 1995 में बच्चे का पिता मां को बिना बताए उसे साथ ले गया था। तब से मां की आंखें अपने लाडले की एक झलक पाने के लिए तरस गई थीं।

अब वही बच्चा स्टीव हर्नांडेज़ है जिसे मैक्सिको के प्यूबला में रहते हुए पाया गया। स्टीव को गुरुवार सुबह मां के पास अमेरिका लाया गया। मारिया का कहना है कि अब उन्हें बेटा मिल गया है इसलिए उनके मन में जो भी गुस्सा था वो अब ख़त्म हो गया है।  

मारिया ने केएबीसी- टीवी से कहा, मैंने 21 साल उसके इंतज़ार में बिताए। मुझे कुछ पता नहीं था कि मेरा बेटा कहां हैं।

सैन बर्नार्डिनो काउंटी की 'चाइल्ड एबडक्शन यूनिट'  स्टीव हर्नांडेज़ की खोज़ बरसों से कर रही थी। जांचकर्ताओं को इस साल फरवरी में सुराग मिला कि वो मैक्सिको में हो सकता है। अधिकारियों के मुताबिक बच्चे का पिता वेलेंटिन हर्नांडेज़ लापता है और संभवत:  उसकी मौत हो चुकी है।

जांचकर्ता केरेन क्रैग ने बताया, "स्टीव से संपर्क करते हुए बहुत सावधानी बरती गई और ट्रिक से काम लिया गया। स्टीव को बताया गया कि उसके पिता को ढूंढने के लिए उसका डीएनए चाहिए।

स्टीव और उसके माता-पिता 1995 में कैलिफोर्निया के रैंचो कुकामोंगा में साथ रहते थे। स्टीव के माता-पिता के आपसी रिश्तों में तनाव चल रहा था। एक दिन मारिया घर वापस आईं तो स्टीव और उसके पिता को घर से गायब पाया। स्टीव की सारी फोटो भी पिता साथ ले गया था। मारिया के पास स्टीव की जो फोटो रह गई वो भी उसने एक रिश्तेदार से हासिल की।

मारिया ने तत्काल अधिकारियों को बच्चे और पिता के लापता होने की सूचना दे दी थी। तलाश के लिए जांचकर्ता वर्षों से प्रयास करते रहे। फरवरी में एक बार स्टीव का डीएनए प्राप्त करने में उन्हें कामयाबी मिल गई तो उनका काम आसान हो गया। जब डीएनए मैच हो गया तो जांच अधिकारी मारिया को इसकी सूचना देने गए। मारिया को पहली बार में तो इस पर यकीन ही नहीं हुआ। स्टीव अमेरिकी नागरिक है, इसलिए उसे अमेरिका लाने में आवज्रन जैसी कोई समस्या नहीं हुई।

स्टीव ने मां से मिलने के बाद कहा, "मैं इतने साल मां के बिना रहा। फिर मुझे पता चला कि वो दूसरे देश में रह रही है। स्टीव अब अमेरिका में रह कर ही लॉ की पढ़ाई शुरू करना चाहता है। मैक्सिको में वो लॉ स्कूल में दाखिला भी ले चुका था।"