ममता सरकार को झटका, बीजेपी की रथ यात्रा को कलकत्ता हाईकोर्ट ने दी मंजूरी

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (20 दिसंबर):  कलकत्ता हाई कोर्ट ने बीजेपी की लोकतंत्र बचाओ यात्रा को हरी झंडी दे दी है। पिछले तीन दिनों से इस मामले पर सुनवाई चल रही थी। हाईकोर्ट ने कहा कि बीजेपी को रथ यात्रा के बारे में सरकार को पूरी जानकारी देनी होगी।  बता दें कि बीजेपी को पिछले दिनों रथ यात्रा की इजाजत नहीं दी गई थी।  ममता बनर्जी सरकार की दलील थी कि रथ यात्रा से साम्प्रदायिक तनाव हो सकता है।सरकार के वकील की दलीलसुनवाई के दौरान राज्य पुलिस की ओर से पेश हुए वकील आनंद ग्रोवर ने दलील दी थी कि बीजेपी की रथ यात्रा की व्यापकता को लेकर भारी संख्या में सुरक्षा कर्मियों की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी कुछ जिलों में सभाएं कराना चाहती है तो इसकी इजाजत दी जा सकती है लेकिन इतने व्यापक स्तर की रैलियों को मंजूरी नहीं दी जा सकती।बीजेपी के वकील की दलीलबीजेपी के वकील एसके कपूर ने कहा कि राज्य सरकार रैली को बैन करने के लिए पूर्व में ही योजना बना ली थी। ब्रिटिश शासनकाल में महात्मा गांधी ने डांडी मार्च निकाला था, लेकिन अब ये राज्य सरकार हमें एक राजनैतिक रैली नहीं निकालने दे रही है। राज्य सरकार हम पर रैली को रोकने का दवाब बना रही है जबकि देश में किसी भी राजनैतिक पार्टी को रैली करना उसका संवैधानिक अधिकार है।

बता दें की 6 दिसंबर को हाई कोर्ट की एकल जज वाली बेंच ने बीजेपी को रथ यात्रा निकालने के लिए मना कर दिया था। इसके बाद सात दिसंबर को खंड पीठ ने राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को बीजेपी के तीन प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने और 14 दिसंबर तक यात्रा पर फैसला करने को कहा था। इसके बाद 15 दिसंबर को भी टीएमसी की सरकार ने रथ यात्रा के प्रवेश पर रोक लगा दी। इधर बुधवार 19 दिसंबर को बीजेपी ने राज्य के कई भागों में कानून उल्लंघन कार्यक्रम का आय़ोजन कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है।पहले ये था कार्यक्रमपहले से तय कार्यक्रम के अनुसार, पश्चिम बंगाल में बीजेपी का तीन रथ यात्राएं निकालने का कार्यक्रम था, जिसमें खुद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह शामिल होने वाले थे।  बाद में  अमित शाह का यह कार्यक्रम रद्द हो गया था। एक रथयात्रा 7 दिसंबर से कूचबिहार से शुरू होने वाली थी, दूसरी रथ यात्रा 9 दिसंबर को 24 परगना से और तीसरी 14 दिसंबर को बीरभूमि के तारापीठ से निकाली जानी थी।