नमामि गंगे परियोजना पर CAG का बड़ा खुलासा, 2600 करोड़ खर्च नहीं कर सकी सरकार

नई दिल्ली ( 19 दिसंबर ): गंगा नदी की सफाई के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई नमामी गंगे परियोजना को लेकर सीएजी की रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है कि स्वच्छ गंगा मिशन के लिए आवंटित किए गए 2600 करोड़ रुपए सरकार उपयोग ही नहीं कर सकी। 

सीएजी की रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2014-15 से लेकर 2016-17 तक करीब 2600 से करोड़ों रुपए खर्च ही नहीं किया गया। इन 2600 करोड़ों में से करीब 2135 करोड़ नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के तहत था, वहीं 422 करोड़ राज्य सरकारों द्वारा चलाए जा रहे हैं अलग-अलग प्रोग्राम के तहत और करीबन 59 करोड़ रुपए अलग-अलग एजेंसी द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के तहत नहीं खर्च हुआ।

-करीब 198 करोड़ों रुपए क्लीन गंगा फंड के तहत रखा गया था, लेकिन 31 मार्च 2017 तक वह भी नहीं इस्तेमाल हो सका।

-साल 2014-15 से लेकर 2016-17 तक कुल 154 प्रोजेक्ट के बारे में बात हुई, लेकिन उसमें से 71 प्रोजेक्ट की अनुमति दी गई। 

-वहीं 46 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की लागत करीबन 51 सौ करोड़ थी उसमें से महज़ 20 पर ही काम शुरू हो पाया, 26 प्रोजेक्ट जिनकी कीमत लगभग 272 करोड़ थी उन पर काम ही नहीं शुरू हुआ।

-केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को करीब 198 करोड़ रुपए दिया जाना था जिसे की केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गंगा प्रदूषण को लेकर निगरानी कर सके, लेकिन उस पैसे में से महज़ करीब 15 करोड़ रुपए ही खर्च किया गया। जो कि कुल धनराशि का करीब 7.44 फीसदी है।

-सीएजी ने अपनी रिपोर्ट के लिए कुल 87 प्रोजेक्ट की पड़ताल की है जिसमें से 73 पर काम चल रहा है, 13 पूरे हो चुके हैं और एक बंद हो चुका है। इन पर कुल लागत करीब आठ हजार करोड़ों रुपए खर्च होनी थी इन 87 प्रोजेक्ट में से 50 ऐसे हैं जो 1 अप्रैल 2014 के बाद शुरू हुए हैं।।