इंडियन स्पेस प्रोग्राम के लिए 10,911 करोड़ रुपये के बजट पर लगी ​मुहर

नई दिल्ली (7 जून): भारतीय स्पेस प्रोग्राम को नई ताकत देते हुए यूनियन कैबिनेट ने बुधवार को 10,911 करोड़ रुपये के बजट पर अपनी मुहर लगा दी। गौरतलब है कि इस रकम का इस्तेमाल अगले चार वर्षों में 30 PSLV और 10 रॉकेट्स को लॉन्च करने में किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा, कि इसरो के सबसे वजनी रॉकेट GSLV Mk III के 10 लॉन्चेज के लिए 4,338 करोड़ रुपये कैबिनेट ने अप्रूव किए हैं।जिसकी मदद से हम चार टन से ज्यादा वजनी सैटलाइट्स को लॉन्च कर सकेंगे। इतना ही नहीं यह स्पेस टेक्नॉलजी में एक बड़ा कदम होगा और इसके बाद वजनी सैटलाइट्स लॉन्च करने के लिए हमें विदेशी स्पेसपोर्ट्स पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने कहा,''GSLV Mk III प्रोग्राम बीते तीन से चार वर्षों में मोदी सरकार के नेतृत्व में बना है। यह मेक इन इंडिया प्रोग्राम से जुड़ा है। इस प्रोग्राम की मदद से इसरो न सिर्फ छोटी विदेशी सैटलाइट्स बल्कि चार टन से ज्यादा वजनी सैटलाइट्स को भी लॉन्च करने में सक्षम हो जाएगा।''मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कैबिनेट ने 30 पीएसएलवी रॉकेट्स लॉन्च करने के लिए भी अनुमति दे दी है। इसके लिए 6,573 करोड़ रुपये अप्रूव कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसरो स्पेस प्रोग्राम्स में प्राइवेट पार्टिसिपेशन को भी प्रमोट किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्पेस मिशन के अलावा भारत अक्टूबर से नवंबर के बीच चंद्रयान-2 को लॉन्च करने की तैयारी में है। आपको बता दें कि यह भारत के लिए स्पेस प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि होगी।