रेल में सफर करने वालों को लग सकता है झटका! अब RDA तय करेगी किराया

नई दिल्ली (6 अप्रैल): अगर आप ज्यादातर रेल में सफर करते हैं तो यह खबर जानना आपके लिए बहुत ही आवश्यक है, क्योंकि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अब रेल डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी RDA को रेल किराया बढ़ाने मंजूरी दे दी है। उम्मीद है कि RDA बनने के बाद रेलवे में सेवाओं की स्थिति बेहतर होगी और साथ ही इससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।


खास बात यह है कि RDA एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए बनाया जा रहा है, क्योंकि इस समय मोदी सरकार के पास राज्यसभा में बहुमत नहीं है। लेकिन रेलवे में सुधारों की जरूरत को देखते हुए मोदी सरकार ने फैसला लिया है कि इसे रेलवे एक्ट 1989 के अंतर्गत बनाया जाए।


लागतों को देखते हुए किराए का निर्धारण करेगी RDA

- RDA एक स्वतंत्र रेगुलेटर होगा और इसका काम रेल किरायों का निर्धारण करना होगा।

- रेल डेवलपमेंट अथॉरिटी लागत को देखते हुए रेलवे की सेवाओं की कीमतों का निर्धारण करेगी।

- इसके अलावा उपभोक्ता हितों की रक्षा करना और साथ ही साथ नॉन फेयर रेवेन्यू को कैसे बढ़ाया जाए, इस पर सुझाव देना भी इसका काम होगा।

- किस तरीके से रेलवे में मानव संसाधन को विकसित किया जाए, इसके बारे में RDA की बात को सबसे ऊपर रखा जाएगा।

- डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर इंफ्रास्ट्रक्चर को किस तरह से निजी और सरकारी हिस्सेदारी से चलाया जाए इसके बारे में भी RDA की राय काफी मायने रखेगी।

- RDA का एक चेयरमैन होगा और इसके 3 सदस्य होंगे। चेयरमैन और उसके सदस्यों का कार्यकाल 5 साल का होगा।

- समय-समय पर रेलवे किरायों का निर्धारण करना RDA का काम होगा।

- अलग-अलग कमोडिटीज पर कितना माल भाड़ा लगाया जाए इसका फैसला भी यह अथॉरिटी ही करेगी।

- रेलवे टिकट में अलग-अलग तरह की रियायतों के बारे में भी फैसला करने का हक RDA को होगा।