बैंकिंग रेग्युलेशन एक्ट में बड़ा बदलाव जल्द, सरकार ने राष्ट्रपति के पास भेजा अध्यादेश

नई दिल्ली (3 मई): सरकार ने बैंकिंग रेग्युलेशन एक्ट में बदलाव को हरी झंडी दे दी है। बैंकों को डूबे हुए कर्ज से निजात दिलाने के लिए कैबिनेट ने बैंकिंग रेग्युलेशन ऐक्ट में बदलाव करने का फैसला किया है। इस बाबत अध्यादेश राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा गया है।


कैबिनेट मीटिंग के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर पर कुछ निर्णय लिए गए हैं और उन निर्णयों को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा, 'बैंकिंग के निर्णय पर राष्ट्रपति की स्वीकृति आने तक हम इसकी डीटेल आपको नहीं दे सकते हैं। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलते ही डीटेल सबको दे दी जाएगी।' ईटी नाउ के अनुसार NPA पॉलिसी पर अध्यादेश राष्ट्रपति के पास भेजा जा चुका है। बैंकिंग रेग्युलेशन ऐक्ट में बदलाव को मंजूरी दे दी गई है। इससे बढ़ते NPA से बैंकों को निपटने की आजादी मिलेगी।


गौरतलब है कि इस तरह के संकेत मिल रहे थे कि केंद्र सरकार ने बैंकों के बढ़ते NPA से निपटने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। फंसे हुए लोन पर केंद्रीय मंत्रिमंडल शायद ही कभी विचार करता है, लेकिन इस बैठक में NPA के बारे में फैसला कर लिया गया है।