HPCL और ONGC के विलय को मंजूरी, मिलकर बनेंगी देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी


नई दिल्ली (19 जुलाई):
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुद्धवार को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (एचपीसीएल) में सरकारी हिस्सेदारी को ऑयल ऐंड नैचरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) को बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार ने वैश्विक प्रतिद्वंद्वियों से मुकाबले की मकसद से यह कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में आज हुई केंद्रीय मंत्रीमंडल की बैठक में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन में सरकार की हिस्सेदारी को ओएनजीसी को बेचने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। 

ओएनजीसी हिंदुस्तान पेट्रोलियम में सरकार की 51.11% हिस्सेदारी खरीदेगी और इसके बाद अतिरिक्त हिस्सेदारी के लिए उसे कोई खुली पेशकश नहीं करनी होगी। डील 1 साल में पूरा होने की उम्मीद है। 

ओएनजीसी से विलय के बाद भी एचपीसीएल का ब्रैंड बरकरार रहेगा। एचपीसीएल भारत के सबसे बड़े तेल उत्पादक कंपनी की सब्सिडियरी होगी और बोर्ड भी मौजूद रहेगा। फॉरन ब्रोकरेज सीएलएसए ने एक नोट में कहा है कि इस विलय से सरकार को ही फायदा होगा। इससे सरकार को एचपीसीएल पर ओएनजीसी की मदद से प्रभावी नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।