अब संसद की मंजूरी से ही OBC में जुड़ेंगी नई जातियां


नई दिल्ली(23 मार्च): जाटों के आरक्षण पर केंद्रीय कैबिनेट ने गुरुवार को अहम फैसला किया। कैबिनेट ने पिछड़ा वर्ग आयोग की जगह नया आयोग बनाने को मंजूरी दी है।


-  इसका नाम नेशनल कमीशन फॉर सोशियली एंड एजुकेशनली बैकवर्ड क्लास होगा। इसे कॉन्स्टीट्यूशनल बाॅडी का दर्जा मिलेगा। ओबीसी में नई जाति जोड़ने के लिए संसद की मंजूरी जरूरी होगी। इसके लिए संविधान में संशोधन किया जाएगा। मोदी कैबिनेट के इस फैसले को जाट आरक्षण आंदोलन से जोड़कर देखा जा रहा है।


- अभी तक नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लास (NCBC) को कानूनी दर्जा तो था लेकिन संवैधानिक दर्जा नहीं था। लेकिन NSEBC को संवैधानिक दर्जा मिलेगा।


- ऐसा होने के बाद आयोग किसी जाति को पिछड़े वर्ग में जोड़ने और हटाने को लेकर सरकार को प्रपोजल भेजेगा।


- केंद्र सरकार के मुताबिक, सोशल और एजुकेशनल बेस पर पिछड़ों की नई परिभाषा होगी।