कैबिनेट ने दी मंजूरी, SBI में पांच सब्सिडियरी बैंकों का होगा विलय

नई दिल्ली( 15 फरवरी ): केंद्रीय कैबिनेट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में उसकी पांच सब्सिडियरी बैंकों के विलय को बुद्धवार मंजूरी दे दी। मंगलवार को इस अहम फैसले की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि महिला बैंक के विलय पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

गौरतलब है कि एसबीआई ने पिछले साल ही सब्सिडियरी बैंकों और भारतीय महिला बैंक को अपने साथ मिलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद उसने इस प्रपोजल को सरकार के पास भेजा था। एसबीआई की पांच सहयोगी बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर ऐंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर और स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद शामिल हैं।

इनमें स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर ऐंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर और स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर शेयर बाजार में लिस्टेड हैं। इन बैंकों के मर्जर के बाद जो एंटिटी बनेगी, उसके पास 37 लाख करोड़ का एसेट बेस और 50 करोड़ से अधिक कस्टमर्स होंगे। एसबीआई ने 2008 में सहयोगी बैंक स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र को अपने साथ मिलाया था। इसके दो साल बाद उसने स्टेट बैंक ऑफ इंदौर का मर्जर अपने साथ किया था।

एसबीआई ने हमेशा कहा है कि वह सहयोगी बैंकों को अपने साथ मिलाना चाहता है। हालांकि, कैपिटल की कमी के चलते वह अब तक ऐसा नहीं कर पाया था। इन बैंकों की एंप्लॉयीज यूनियन भी मर्जर का विरोध कर रही हैं। सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक को मिलाने के बाद एसबीआई का साइज इतना बड़ा हो जाएगा कि वह दुनिया के बड़े बैंकों का मुकाबला कर सकेगा। दिसंबर 2015 तक इस बैंक पास 22,500 ब्रांच और 58,000 एटीएम थे। अकेले एसबीआई की 16,500 ब्रांच हैं। उसकी 191 ब्रांच विदेश में हैं, जो 36 देशों में फैली हैं।