अब शराब पीकर चलाई गाड़ी तो कटेगा 10 हजार का चालान...

नई दिल्ली (3 अगस्त): कैबिनेट ने मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों से अधिक कड़ाई से निपटा जाएगा। इसके तहत शराब पीकर गाड़ी चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर अधिक कड़ी सजा का प्रावधान है।

मोटर वाहन अधिनियम में कड़ा किया जुर्माना... - वाहन चलाते समय मोबाइल फोन अथवा ई-पैड का इस्तेमाल करते पहली बार पकड़े जाने पर व्यक्ति को 500 रुपये। - दूसरी बार पकड़े जाने पर 2000 से 5000 रुपये के बीच जुर्माना भरना पड़ेगा। - रेड लाइट पार करने, सीट बेल्ट न लगाने या हेल्मेट का इस्तेमाल न करने पर 500 से 1,500 रुपये तक जुर्माना।

- ओवर स्पीड में गाड़ी चलाने पर 1 से 4 हजार रुपये की जुर्माना।

- बिना इंशोयरेंस के वाहन चलाने पर 2000 का जुर्माना या जेल।

- बिना लाइसेंस के चलाने पर 2000 रुपये का जुर्माना या लाइसेंस रद्द।

- नाबालिक के वाहन चलाने और नियम तोड़ने पर कार्रवाई माता-पिता के ऊपर होगी या वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा। इसी के साथ पैरेंट्स पर 25 हजार का जुर्माना अथवा जेल हो सकती है।

शराब पीकर वाहन चलाने पर रोक लगाने के लिए विधेयक में तीन श्रेणियों के तहत जुर्माने का प्रावधान किया गया है...

1. पहली श्रेणी में प्रति 100 मिली लीटर रक्त में 30-60 मिली ग्राम अल्कोहल पाए जाने पर व्यक्ति को छह महीने की सजा होगी अथवा उसे 2000 रुपये जुर्माना देना पड़ेगा या उसे जुर्माना और सजा दोनों हो सकती है।

2. दूसरी श्रेणी में प्रति 100 मिलीलीटर रक्त में 60-150 मिलीग्राम अल्कोहल पाए जाने पर एक वर्ष की सजा अथवा 4000 रुपये जुर्माना या दोनों हो सकती है। इसी श्रेणी में दोबारा अपराध करने पर तीन वर्षो की सजा अथवा 8000 रुपये जुर्माना या दोनों हो सकती है।

3. प्रति 100 मिलीलीटर रक्त में अल्कोहल की मात्रा 150 मिलीग्राम से अधिक पाए जाने पर दो वर्ष की सजा अथवा 5000 रुपये जुर्माना या दोनों हो सकती है। इसी श्रेणी में दोबारा अपराध करने पर व्यक्ति को चार साल की सजा अथवा 10 हजार रुपये जुर्माना या दोनों। यहां तक कि ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त हो सकता है।

सड़क दुर्घटना पर मुआवजा राशि 25 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये की गई है। इसी के साथ अगर किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो उसे 10 लाख रुपये देने का प्रावधान है।