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रियल्टी सेक्टर में 25000 करोड़ से घूमेगा देश का चक्का, मंदी-बेरोजगारी होगी छूमंतर

सरकार ने यह भी कहा कि इन पैसों एनपीए घोषित किये जा चुके प्रोजेक्ट्स को भी फिर से शुरू किया जायेगा। रिएलटी सेक्टर को बूस्ट मिलने से देश के कई सेक्टर्स को बूस्ट मिलेगा। सरकार की इस घोषणा से साढ़े पांच लाख से ज्यादा होम बायर्स के अधूरे सपने भी पूरे होने की संभावना बढ़ गयी है। आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि रिएलटी सेक्टर का चक्का घूमने से पूरे देश का चक्का घूमने लगेगा।

न्यूज 24 ब्यूरो, मुंबई (6 नवंबर): मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था की मंदी बेरोजगारी दूर करने की दिशा में बहुत बड़ा कदम उठाया है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया कि सरकार रिएलटी सेक्टर में 25 हजार करोड़ डाल रही है। इन पैसों से अधूरे - पड़े प्रोजेक्टों को पूरा किया जायेगा। इसके अलावा सरकार ने यह भी कहा कि इन पैसों एनपीए घोषित किये जा चुके प्रोजेक्ट्स को भी फिर से शुरू किया जायेगा। रिएलटी सेक्टर को बूस्ट मिलने से देश के कई सेक्टर्स को बूस्ट मिलेगा। सरकार की इस घोषणा से साढ़े पांच लाख से ज्यादा होम बायर्स के अधूरे सपने भी पूरे होने की संभावना बढ़ गयी है। आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि रिएलटी सेक्टर का चक्का घूमने से पूरे देश का चक्का घूमने लगेगा।

वित्त मंत्री ने कहा, 'इस फंड के द्वारा एक अकाउंट में पैसे डालकर अपूर्ण प्रॉजेक्ट को लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शुरुआत में यह आकाउंट एसबीआई के पास होगा। सीतारमन ने कहा, 'रेरा में जो भी इनकंप्लीट प्रॉजेक्ट हैं उनको एक प्रोफेशनल अप्रोच के तहत सहयोग दिया जाएगा। उन्हें आखिरी स्टेज तक मदद दी जाएगी। यानी अगर 30 प्रतिशत काम अधूरा है तो जबतक प्रॉजेक्ट पूरा नहीं होगा, उन्हें मदद दी जाएगी ताकि होम बायर को जल्दी से जल्द मकान हैंड ओवर हो जाएग। अगर यह एनपीए भी होगा तब भी उसकी मदद की जाएगी।' उन्होंने कहा है कि अगर कंपनी लिक्विडेशन की तरफ जाती है तो उसे इसका फायदा नहीं मिल पाएगा।

वित्त मंत्री ने कहा, 'हमने पहले कहा था कि घर वालों के लिए ऐलान होंगे। कई होम बायर्स ने हमें अप्रोच किया और उन्होंने कहा कि अडवांस देने के बाद भी उन्हें फ्लैट नहीं मिल रहे हैं। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 1,600 से ज्यादा हाउजिंग प्रॉजेक्ट रुके हुए हैं और 4.58 हाउजिंग यूनिट पर काम रुका हुआ है।' उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों में प्रभावित लोगों और बैंकों के साथ कई बैठकें कीं। एक बैठक में तो रिजर्ब बैंक के गवर्नर भी मौजूद थे जिन्होंने होम बायर्स के हित में तरीके सुझाए। वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर किसी यूनिट का एक प्रॉजेक्ट शुरू हुआ है और पूरा नहीं हो पाया है, उसे सहयोग मिलेगा लेकिन उसी कंपनी का दूसरा प्रॉजेक्ट जो शुरू नहीं हुआ है, उसे इसका लाभ नहीं मिलेगा।

Images Courtesy: Google

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