ऑपरेशन जीवन-मृत्यु: विदेशों में भी किडनी बेचते थे दलाल

राहुल प्रकाश, नई दिल्ली (31 मई): न्यूज़ 24 ने किडनी रैकेट को लेकर बड़ा खुलासा किया। कई दलाल सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं, लेकिन अब इस मामले में नया और बड़ा खुलासा हुआ है। किडनी रैकेट के तार सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेशों तक फैले हुए हैं। दलाल विदेशों में भी किडनी बेचते थे।


न्यूज़ 24 ने बताया कि देश में किस तरह से किडनी का काला खेल चल रहा है। किडनी के सौदागर किस तरह से अवैध तरीके से नौजवानों की जिंदगी से खेल रहे हैं। इस रैकेट में दलाल शामिल हैं। बड़े डॉक्टर्स शामिल हैं, देश के बड़े अस्पताल शामिल हैं।


न्यूज़ 24 के खुलासे के बाद एक महिला समेत अब तक चार दलाल गिरफ्तार किए जा चुके हैं, लेकिन पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है रोज-ब-रोज चौंकाने वाला खुलासा हो रहा है।


- नया खुलासा ये है कि किडनी रैकेट के तार सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेशों से भी जुड़े हैं।

- क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला है कि आरोपियो ने देश के बहार भी किडनी बेची है।

- दलालों ने ये किडनी श्रीलंका, सिंगापूर और ईरान में बेची हैं।

- पूछताछ में मुख्य आरोपी जयंत साहू ने कबूल किया है कि वो अब तक 15 किडनी का सौदा कर चुका है।


2015 में पकड़ी गई महिला दलाल ने भी अपनी एक किडनी श्रीलंका में बेची थी। इसी तरह से दूसरे दलाल भी विदेशों में अपनी किडनी बेच चुके हैं। दिल्ली पुलिस किडनी रैकेट से जुड़े तमाम लिंक तलाश रही है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद जैसे शहरों में दबिश दी जा रही है। उधर इस मामले में डोनर विजय ने कोर्ट ने अपने बयान दर्ज करवाए हैं। विजय ने अपने बयान में बत्रा अस्पताल के उन डॉक्टरों के नाम बताए हैं, जो इस मामले में शामिल है।


आपको बता दें कि बत्रा अस्पताल में किडनी के दलाल अवैध तरीके से विजय नाम के डोनर का किडनी ट्रांसप्लांट करवाने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही न्यूज़ 24 ने दिल्ली क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर पूरे रैकेट का खुलासा कर दिया था। अब दिल्ली पुलिस ने बत्रा अस्पताल से किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े तमाम दस्तावेज मांगे हैं। क्राइम ब्रांच ने पूछा है कि पांच सालों में अस्पताल में कितने किडनी ट्रांस्प्लांट किए गए। हॉस्पिटल से डोनर, रिसीवर की लिस्ट, और सीसीटीवी फुटेज भी मांगा गया है।


दिल्ली पुलिस बत्रा अस्पताल के डॉक्टरों से पूछताछ कर चुकी है, लेकिन माना जा रहा है कि पूछताछ का दौर एक बार फिर चलेगा जिसके बाद कुछ सीनियर डॉक्टरों की गिरफ्तारी हो सकती है।