कंपनी छोड़ने के लिए विजय माल्या को मिलेंगे 515 करोड़, ब्रिटेन बसने की तैयारी

नई दिल्ली (26 फरवरी) : शराब कारोबारी विजय माल्या ने यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड के नॉन एग्जिक्यूटिव चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। वह अब ब्रिटेन स्थानांतरित होंगे। इस कंपनी की स्थापना उनके परिवार ने की थी, लेकिन अब इस पर वैश्विक शराब कंपनी डियाजियो का नियंत्रण है।

माल्या को अपना पद छोड़ने के लिए पांच साल में 7.5 करोड़ डॉलर (करीब 515 करोड़ रुपए) मिलेंगे। जिसकी 4 करोड़ डॉलर की पहली किस्त अभी मिलेगी, बाकी 3.5 करोड़ डॉलर 5 किस्तों में मिलेगी।

माल्या ने कंपनी से हटने की घोषणा करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि जब मुझे अपने डियाजियो और यूनाइटेड स्पिरिट्स के साथ संबंधों को लेकर सभी आरोपों और अनिश्चितताओं को दूर करना चाहिए। इसी के अनुरूप मैं अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे रहा हूं। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि मैं डियाजियो और यूएसएल के साथ शर्तों पर सहमति बना पाया हूं। हमने जो समझौता किया है, उससे मेरे परिवार की विरासत संरक्षित रहेगी।

बता दें कि डियाजियो 2014 में यूनाइटेड स्पिरिट में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी खरीदने के बाद से माल्या पर पद छोड़ने के लिए दबाव बना रहा था लेकिन माल्या इसके लिए तैयार नहीं थे।

बताया जा रहा है कि विजय माल्या इस डील के बाद भारत छोड़ रहे हैं, ऐेसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या बैंकों के लिए पैसे की वसूली संभव होगी। विजय माल्या की कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस पर 6960 करोड़ रुपये और यूबी, मैंगलोर केमिकल्स पर 1740 करोड़ रुपये यानि कुल 8700 करोड़ रुपये का कर्ज बाकी है।