Budget 2022: मोदी सरकार का 9वां बजट, क्या बेरोजगारों के लिए निकलेगी नौकरियों की राह?

मंगलवार यानी 1 फरवरी को देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) देश का बजट (Budget 2022) पेश करने वाली हैं। ये मोदी सरकार का 9वां बजट है। इस बजट से आम आदमी को काफी उम्मीदें हैं।

Budget 2022: मोदी सरकार का 9वां बजट, क्या बेरोजगारों के लिए निकलेगी नौकरियों की राह?
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नई दिल्ली: मंगलवार यानी 1 फरवरी को देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) देश का बजट (Budget 2022) पेश करने वाली हैं। ये मोदी सरकार का 9वां बजट है। इस बजट से आम आदमी को काफी उम्मीदें हैं। टैक्स में छूट, मंहगाई और बेरोजगारी को लेकर सरकार कुछ बड़ा ऐलान कर सकती है, क्योंकि पांच राज्यों में चुनाव होने हैं और बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है। इसलिए भी मोदी सरकार बजट के जरिए युवाओं को लुभाने की कोशिश कर सकती है।


एक साल में आई कोविड की दो लहरों का लोगों की जेब पर पड़ा है और यह सरकार से कुछ राहत की उम्मीद कर रहे हैं. संभावना है कि इस बजट में कोविड-19 संकट से उबर रही भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार तेज करना, बेरोजगारी घटाना, किसानों और छोटे कारोबारियों की आय बढ़ाना समेत कई बिदुओं पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित होगा। 



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कोरोना के बाद से देश में बेरोजगारी बढ़ी है। आर्थिक मंदी ने पिछले छह वर्षों में से पांच में बेरोजगारी दर को वैश्विक आंकड़े से ऊपर धकेल दिया है। सीएमआईई के आंकड़ों को देखें तो भारत में बेरोजगारी दर फिलहाल, 6.9 फीसदी पर है। शहरी बेरोजगारी दर 8.4 फीसदी और ग्रीमीण बेरोजगारी दर 6.2 फीसदी है। बजट में इस समस्या से उबरने के लिए कुछ ऐलान किया जा सकता है।  ग्रामीण मनरेगा के तर्ज पर शहरी बेरोजगारों के लिए शहरी मनरेगा शुरू करने का एलान भी किया जा सकता है जो एक सराहनीय कदम होगा। इससे बेरोजगारी दर घटाने और रोजगार बढ़ाने में मदद मिलेगी। 


वहीं कोरोना महामारी में करदाता को भी इस बजट से उम्मीद है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद में वर्ष 2022-23 के लिए आम बजट पेश करने के दौरान इसमें व्यक्तिगत करदाताओं को कई राहतें दे सकती हैं। मोदी सरकार ने  पिछले करीब 7 सालों में टैक्स छूट की सीमा को 2.5 लाख के ऊपर नहीं बढ़ाया है, लेकिन 2019 के बजट में एक ऐसा तरीका जरूर इजात किया है, जिससे लोगों की 5 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता है। अगर आपकी सैलरी 5 लाख रुपये तक है तो उस पर 2.5 लाख टैक्स फ्री होता है और बचे 2.5 लाख रुपये पर सरकार 5 फीसदी टैक्स की अतिरिक्त छूट दे देती है, जिससे लोगों की आय 5 लाख रुपये तक टैक्स फ्री हो जाती है।


इस एक साल के भीतर ही कोरोना की दूसरी और तीसरी लहर ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। इसलिए इस बजट से राहत की उम्मीदें बढ़ गई हैं, लेकिन अब यह देखना होगा कि सरकार लोगों की परेशानी को कम करने के लिए क्या कोई कदम उठाएगी।


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