सरगुजा रेल कॉरिडोर के लिए एपीएसईजेड को मिली एनसीएलटी की मंजूरी

अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) की सरगुजा रेल कॉरिडोर प्राइवेट लिमिटेड (एसआरसीपीएल) के अधिग्रहण की योजना को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की अहमदाबाद बेंच ने मंजूरी दे दी है

सरगुजा रेल कॉरिडोर के लिए एपीएसईजेड को मिली एनसीएलटी की मंजूरी
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· अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईजेड), 620 किलोमीटर के रेल पोर्टफोलियो को संभालने जा        रहा है, जिसके लिए अदाणी समूह की एक अन्य कंपनी से 70 किलोमीटर सरगुजा रेल के अधिग्रहण का प्रस्ताव रखा गया।


· एपीएसईजेड ने एक मजबूत कॉर्पोरेट प्रशासन पर अपना ध्यान केंद्रित करते हुए एक पारदर्शी प्रक्रिया को अपनाया और            प्रस्ताव को माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स और क्रेडिटर्स के समक्ष रखा, जिसमें 92% से अधिक माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स ने              समामेलन प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया।


·  व्यवस्था की समग्र योजना 1 अप्रैल 2021 से प्रभावी है।


· एक बार समेकित होने पर, एसआरसीपीएल, एपीएसईजेड के कुल ईबीआईडीटीए में 450 करोड़ या 5% अंश जोड़ेगा।


अहमदाबाद, 30 जनवरी 2022: अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) की सरगुजा रेल कॉरिडोर प्राइवेट लिमिटेड (एसआरसीपीएल) के अधिग्रहण की योजना को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की अहमदाबाद बेंच ने मंजूरी दे दी है और यह योजना 1 अप्रैल 2021 की नियत तिथि से प्रभावी होगी।



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एपीएसईजेड, अब सभी रेल संपत्तियों को एक एकल व्यवसाय इकाई, 'अदाणी ट्रैक्स मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड', के तहत समेकित करेगा, जो पहले दिन से सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए काफी मूल्यवान होगा, क्योंकि यह एपीएसईजेड के ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी स्पेस में सबसे आगे रहने के दृष्टिकोण के साथ कार्य करता है।


इस समावेश के तहत एपीएसईजेड को 2025 तक 2000 किमी लंबे ट्रैक का लक्ष्य प्राप्त करना है, जो अदाणी पोर्टफोलियो में एकसमान व्यवसायों के साथ प्रतिस्पर्धा किए बिना भारतीय रेलवे की पीपीपी परियोजनाओं में भाग लेने की अनुमति देता है, जो माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के इक्विटी हितों को साथ लेकर चलता है।


एपीएसईजेड के सीईओ और पूर्णकालिक निदेशक, श्री करण अदाणी ने कहा, “राष्ट्रीय रेल योजना 2020 के अनुसार, भारतीय रेलवे नई रेल लाइनों के निर्माण के लिए अगले 10 वर्षों में 3 लाख करोड़ से अधिक का निवेश करेगी। इसके अलावा, परिवहन के पसंदीदा साधन के रूप में सड़क से रेल की ओर सरकार का ध्यान, आर्थिक रूप और पर्यावरण की दृष्टि से, दोनों में एक स्पष्ट विकल्प है, जिसके लिए निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भागीदारी की आवश्यकता होगी। इसलिए, यह अधिग्रहण ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी के रूप में एपीएसईजेड के लिए एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक मूल्य जोड़ता हैं।"


अदाणी समूह के अंदर किसी अन्य इकाई से एसआरसीपीएल का अधिग्रहण करने के लिए एपीएसईजेड द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया के बारे में श्री करण अदाणी ने कहा, "यह हमारे कॉर्पोरेट गवर्नेंस प्रैक्टिसेज को बढ़ाने के लिए हमारी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रक्रिया का सबसे मजबूत पक्ष हमारे माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स से प्राप्त भारी समर्थन में है, जो एपीएसईजेड के प्रबंधन में उनके विश्वास को दर्शाता है।"


इस अधिग्रहण के एक संबंधित पार्टी लेनदेन होने के कारण, एपीएसईजेड ने अप्रूवल के लिए माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स और क्रेडिटर्स के साथ पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया को अपनाया है। अप्रूवल प्रक्रिया के कुछ प्रमुख चरण इस तरह हैं:


तीन स्वतंत्र बोर्ड निदेशकों की कार्यकारी समिति (ईसी) द्वारा प्रस्ताव मूल्यांकन किया गया।


· स्वतंत्र परिसंपत्ति मूल्यांकन (ड्यूश बैंक और बीडीओ मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा) और मूल्यांकन पर जेपी मॉर्गन और जेएम            फाइनेंशियल से 'निष्पक्षता की राय' आवश्यक रही।

·  स्टॉक एक्सचेंजों से एनओसी के बाद, प्रस्ताव पर वोट करने के लिए एपीएसईजेड के इक्विटी शेयरधारकों और सुरक्षित व          असुरक्षित लेनदारों की एनसीएलटी द्वारा बुलाई गई बैठक के लिए एक आवेदन लिया गया था।

·  माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के 92% से अधिक और करीब 100% क्रेडिटर्स ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया।

·  एनसीएलटी ने नतीजों की समीक्षा के बाद समग्र योजना को मंजूरी दी है।

·  पहले से निर्धारित अन्य शर्तों को पूरा किया जाना है और योजना में निर्धारित सभी शर्तों के पूरा होने पर योजना प्रभावी हो          जाएगी।


निवेश लाभ:

- सरगुजा रेल का अधिग्रहण पहले दिन से सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए मूल्य पैदा करेगा, क्योंकि यह ईपीएस अभिवृद्धि के तहत       है, जो कंपनी के प्रत्येक शेयर के बढ़ने के साथ स्टेकहोल्डर्स के लिए फायदेमंद होगा।

- विकास के महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध हैं क्योंकि व्यवसाय अभी परिपक्व नहीं हुआ है, जिसमें 40 एमएमटीपीए तक की वार्षिक   क्षमता वाले गैर-अदाणी खदान क्षेत्र शामिल हैं।

- महत्वपूर्ण और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन बुनियादी ढांचा खनिज परिवहन क्षेत्र को कार्बन मुक्त करने में मदद करेगा।

- यह निश्चित रिटर्न के साथ एक सुरक्षित दीर्घकालिक अनुबंध प्रदान करता है।


अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड

विश्व स्तर पर सक्रिय डायवर्सिफायड अदाणी ग्रुप का एक हिस्सा, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड एक पोर्ट कंपनी से विकसित होकर भारत का पोर्ट्स एंड लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म बन चुका है। तटीय क्षेत्रों और दूरदराज के विशाल इलाकों से कारगो के विशाल वॉल्यूम की हैंडलिंग करते हुए, रणनीतिक रूप से मौजूद एपीएसईजेड के 12 पोर्ट और टर्मिनल, देश की कुल पोर्ट क्षमता के 24% हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये पोर्ट और टर्मिनल गुजरात में मुंद्रा, दाहेज, टूना और हजीरा, ओडिशा में धामरा, गोवा में मारमुगाओ, आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम और कृष्णापत्तनम, महाराष्ट्र में दीघी, तमिलनाडु में कट्टुपल्ली और एन्नोर में स्थित हैं। कंपनी केरल के विजिंजम में एक ट्रांसशिपमेंट पोर्ट भी विकसित कर रही है। हमारे ‘पोर्ट्स टू लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म’ में हमारी पोर्ट सुविधाएं, एकीकृत लॉजिस्टिक्स क्षमताएं, और औद्योगिक आर्थिक क्षेत्र शामिल हैं, जो वैश्विक सप्लाई चेन में होने वाले संपूर्ण बदलाव से लाभ उठाने की भारत की तैयारी को देखते हुए, हमें विशेष लाभदायक स्थिति में रखते हैं। हमारी सोच अगले दशक में दुनिया का सबसे बड़ा पोर्ट और लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म बनने की है। 2025 तक कार्बन न्यूट्रल होने के दृष्टिकोण के साथ, एपीएसईज़ेड सांइस बेस्ड टारगेट्स इनिशिएटिव (एसबीटीआई) के लिए हस्ताक्षर करने वाला पहला भारतीय पोर्ट और विश्व का तीसरा देश रहा, जो पूर्व-औद्योगिक स्तरों से ऊपर 1.5 डिग्री सेल्सियस तक ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित करने के लिए उत्सर्जन में कमी लाने के लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्ध रहा है। 


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