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स्विगी कंपनी जल्द देगी तीन लाख लोगों को रोजगार

स्विगी के को-फाउंडर और सीईओ श्रीहर्ष मजेटी ने कंपनी की सालाना बैठक में कहा, 'यदि हमारे कुछ ग्रोथ एस्टिमेट जारी रहे तो वह दिन दूर नहीं जब हम सेना और रेलवे

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(19 अक्टूबर): देश में बेरोजगार युवाओं को रोजगार को लेकर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, क्योकि अब फूड डिलिवरी स्टार्टअप स्विगी ब्लूकॉलर कंपनी करीब 3 लाख युवाओं को नौकरी देगी। फूड डिलिवरी स्टार्टअप स्विगी ब्लूकॉलर जॉब (शारीरिक श्रम वाली नौकरी) देने वाली सबसे बड़ी निजी कंपनी बन सकती है। कंपनी अगले 18 महीनों में 3 लाख डिलिवरी एक्जिक्युटिव को नौकरी देने की तैयारी में है। इसके बाद कंपनी में इनकी संख्या 5 लाख से अधिक हो जाएगी।

स्विगी के को-फाउंडर और सीईओ श्रीहर्ष मजेटी ने कंपनी की सालाना बैठक में कहा, 'यदि हमारे कुछ ग्रोथ एस्टिमेट जारी रहे तो वह दिन दूर नहीं जब हम सेना और रेलवे के बाद देश में रोजगार के तीसरे सबसे बड़े स्रोत होंगे।' भारतीय सेना में 12.5 लाख सैनिक हैं, जबकि मार्च 2018 तक रेलवे में 12 लाख से अधिक स्टाफ थे। आईटी कंपनी टीसीएस में 4.5 लाख कर्मचारी हैं। यह कंपनी अभी निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी नियोक्ता है, जिसमें अधिकतर इंजिनियर काम करते हैं। ये तीनों कर्मचारियों को स्थायी नौकरी देते हैं, जबकि 'ब्लूकॉलर जॉब' के तहत स्विगी डिलिवरी कर्मचारियों को उनके काम के आधार पर पैसा दिया जाता है।

नहीं मिलते पीएफ जैसे फायदे

अभी स्विगी में 2.1 लाख मासिक डिलिवरी स्टाफ हैं और 8 हजार कॉर्पोरेट कर्मचारी पेरोल पर हैं। पेरोल पर ना होने की वजह से डिलिवरी स्टाफ को पीएफ जैसे फायदे नहीं मिलते हैं। स्विगी में ऐक्टिव डिलिवरी पार्टनर उन्हें माना जाता है जिन्होंने महीने में कम से कम एक बार डिलिवरी दी हो।

'ब्लूकॉलर जॉब' देने वालों में स्विगी की प्रतिद्वंद्वी कंपनी जोमैटो भी है, जिसके पास 2.3 लाख डिलिवरी एग्जिक्युटिव हैं। ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के पास 1 लाख डिलिवरी एग्जिक्युटिव हैं। ऐमजॉन ने कुल संख्या नहीं बताई है लेकिन कहा कि उसके पास भी हजारों ऐसे एग्जिक्युटिव हैं। त्योहारी सीजन में फ्लिपकार्ट और ऐमजॉन में डिलिवरी स्टाफ की और बढ़ जाती है। ऐप बेस्ड कैब सेवा देना वाली कंपनियां ओला और ऊबर में भी ऐसे कर्मचारियों की संख्या लाखों में है।

500 शहरों में कंपनी का विस्तार

पिछले महीने सरकार ने एक ड्राफ्ट पेश किया है जिसमें असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए सोशल-सिक्यॉरिटी का प्रस्ताव है। मजेटी ने ऐसे समय में हायरिंग का प्लान बताया है जब उनकी कंपनी की वैल्यू 3.3 अरब डॉलर हो चुकी है और भारत के 500 शहरों में इसका विस्तार हो चुका है। स्विगी के पास सालाना 50 करोड़ ऑर्डर आ रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी ओपन पॉड्स पर विचार कर रही है, जहां कई रेस्ट्रॉन्ट्स एक ही किचन का इस्तेमाल करेंगे। इसकी मदद से 99% ग्राहकों तक 10 मिनट के भीतर फूड सप्लाई का प्लान है। उन्होंने कहा, 'हमारा लक्ष्य है कि अगले 10-15 साल में 10 करोड़ ग्राहक महीने में 15 बार ट्रांजैक्शन करेंगे।'

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