कुत्ते का खून 'पीने' वाला गैंग!

ज्ञानेन्द्र शुक्ला, कानपुर (16 जनवरी): इंसानी खून का कारोबार देश में आम है, लेकिन कानपुर में खून के कारोबारियों ने गलियों में आवारा कुत्तों को भी नहीं बख्शा। शहर में कुछ पशुओं के डॉक्टर के पास पहुंचने वाले किसी कुत्ते को अगर ब्लड की जरूरत है तो इसके लिए बेहद छोटा रास्ता निकाला गया है।

क्लीनिक के पास घूम रहे आवारा हेल्दी कुत्तों को कुछ खाने के बहाने अंदर बुलाकर बेहोश किया जाता है। बेहोश करने के बाद कुत्तों के खून का प्राइमरी टेस्ट होता है। ब्लड में फौरी तौर पर कोई इन्फेक्शन नहीं मिलने पर इसे तुरंत जरूरतमंद कुत्ते को ट्रांसफ्यूज किया जाता है। साथ ही आवारा कुत्ते को उसके हाल पर छोड़ दिया जाता है।

कुत्ते के मालिक से इस पूरे प्रोसेस के 15-16 हजार रुपये लिए जाते हैं। ऊंची नस्ल के पालतू कुत्तों में जब हीमोग्लोबिन कम हो जाता है तो डॉग्स क्लीनिक में उन्हें खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में गली के कुत्तों को पकड़ कर उनका खून निकाल लिया जाता है और इसे पालतू कुत्तों को चढ़ाया जाता है। एनीमल ब्लड के कारोबारी एक बार ऐसा करने की फीस करीब 15 हजार रुपये तक वसूल रहे हैं।

देखिए ये रिपोर्ट:

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