बजट में उद्योग जगत को यह राहत देंगे जेटली

नई दिल्ली (31 जनवरी): नोटबंदी के बाद छोटे उद्योगों को बड़ी मार पड़ी है। जिस कारण सरकार ने भी माना है कि इस साल जीडीपी में कमी हो सकती है। हालांकि इन उद्योगों को उबारने के लिए पीएम मोदी 31 दिसंबर को ही कई बड़ी घोषणा कर चुके हैं, लेकिन फिर भी वित्त मंत्री के पिटारे पर इनकी नजर बनी हुई है।

जेटली नोटबंदी के असर को कम करने के लिए वित्त वर्ष 2017 के आम बजट में कॉरपोरेट टैक्स में कुछ राहत दे सकते हैं। 2017-18 के बजट में इंडस्ट्री के लिए कॉरपोरेट टैक्स में कटौती का ऐलान हो सकता है।

- फरवरी 2015 में पेश किए गए बजट के दौरान वित्त मंत्री ने कहा था कि कि 1 अप्रैल 2017 से टैक्स इन्सेंटिव्स को धीरे-धीरे कम किया जाएगा और कॉरपोरेट टैक्स को 30 फीसदी से घटाकर 25 फीसदी कर दिया जाएगा। ऐसे में इस बार के बजट में कटौती की उम्मीद ज्यादा है।

- काले धन पर अंकुश लगाने में सरकार द्वारा उठाए गए सख्त उपायों को देखते हुए कर की दरों में कमी लाने का यह उचित समय कहा जा सकता है।

- सरकार को जिन स्रोतों से टैक्स मिला है उनमें कॉरपोरेट रेट 19 फीसदी और इनकम टैक्स की हिस्सेदारी 14 फीसदी रही है।