फ्रांस और बेल्जियम के बाद ऑस्ट्रीया में भी बुर्के पर प्रतिबंध

नई दिल्ली (1 फरवरी): यूरोपीय देश ऑस्ट्रिया की सरकार ने स्कूलों, अदालतों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर 'बुर्क़े' पर प्रतिबंध पर लगाने पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऑस्ट्रिया का सत्तारूढ़ गठबंधन सभी सरकारी कर्मचारियों पर स्कार्फ़ और इस्लाम धर्म की प्रतीक समझी जाने वाली कोई भी वस्तु पहनने पर प्रतिबंध लगाने का विचार कर रहा है।

ऑस्ट्रियाई सरकार यह क़दम विपक्ष की फ़्रीडम पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता को कम करने के लिए उठा रही है। सरकार की ओर से जारी घोषणपत्र में बताया गया है कि ऑस्ट्रियाई सरकार ने इस्लाम धर्म द्वारा महिलाओं के लिए अनिवार्य बुर्क़े पर प्रतिबंध लगाने की योजना बनाई है।

ऑस्ट्रिया की सरकार ने अपने बयान में कहा है कि 'हम एक आज़ाद समाज के पक्ष में हैं इसलिए चेहरे को छुपाना हमारे समाज के ख़िलाफ़ है इसलिए हम "बुर्क़े" पर पाबंदी लगाने जा रहे हैं"।

एक अनुमान के अनुसार ऑस्ट्रिया में लगभग 150 महिलाएं बुर्क़े का प्रयोग करती हैं, यह महिलाएं पूरी तरह अपना चेहरा ढक कर रहती हैं। दूसरी ओर इस देश के पर्यटन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सरकार के इस क़दम से फ़ार्स की ख़ाड़ी के देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी आ सकती है। फ्रांस और बेल्जियम ने 2011 में बुर्क़े पर प्रतिबंध लगाया था जबकि नीदरलैंड की संसद में भी इस पर बहस जारी है। इस बीच पिछले महीने जर्मन चांसलर एंजेला मैर्केल ने भी कहा था कि जिस स्तर तक संभव हो बुर्क़े पर प्रतिबंध लगना चाहिए जबकि ब्रिटेन में इस तरह की कोई पाबंदी नहीं है।