सबजार को सेना से बचाने के लिए घाटी में ये करतूत कर रहे थे आतंकी

नई दिल्ली (28 मई): जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने 24 घंटे में सेना ने 10 आतंकवादियों को मार गिराया। इन दस आतंकियों में बुरहान वानी का उत्तराधिकारी हिजबुल कमांडर सबजार बट भी शामिल था। सेना के ऑपरेशन से सबजार को बचाने के लिए आतंकियों ने घाटी में मोबाइल मैसेज से अपील भी की थी। इस अपील का कोई भी असर होता इससे पहले ही सेना ने सबजार बट को मार गिराया।


सुरक्षाबलों को एक आतंकी के मोबाइल से जो मैसेज मिला है, उसमें सबजार बट को बचाने की अपील करते हुए लिखा गया है, ”सबजार भाई त्राल में फंस गए हैं। सभी नौजवान त्राल पहुंचे और अपने प्यारे मुजाहिद भाई को सुरक्षित रास्ता देकर बचाएं।”


मैसेज में आगे लिखा है, ”हमें बिपिन रावत को दिखा देना है कि कश्मीर का हर नौजवान मुजाहिद है और वो अपनी मातृभूमि कश्मीर के लिए अपनी जान दे सकता है। इस मैसेज को सभी ग्रुप में फॉरवर्ड करें।” आतंकियों का ये मैसेज कश्मीर के उन पत्थरबाजों के लिए था जो सुरक्षाबलों के सर्च ऑपरेशन में बाधा पहुंचाने का काम करते हैं।


दरअसल जैसे ही पत्थरबाजों को खबर मिलती है कि सुरक्षाबल किसी आतंकी को मारने के लिए घेराबंदी कर रहे हैं, तो वो उस जगह पर पहुंचकर पथराव शुरू कर देते हैं और तब मौका देखकर आतंकी फरार हो जाता है। हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर सबजार बट्ट को बचाने के लिए भी आतंकियों ने यही चाल चली थी लेकिन उनकी साजिश नाकाम हो गई।