सामने आया पाक का पाखंड

नई दिल्ली (22 जुलाई): एक बार फिर पाकिस्तान का पाखंड सामने आया है। बताया जा रहा था कि बुरहान जिस ऑपरेशन पर काम कर रहा था, उसके बारे में बताने के लिए फोन किया था। उससे भारतीय सेना से निपटने और उसे हराने की तैयारियों पर चर्चा हुई थी। 

बुरहान वानी का संपर्क पाकिस्तान में हिजबुल मुजाहिद्दीन के चीफ सैयद सलाहुद्दीन व लश्कर के अन्य कमांडरों से था। इसके बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने बुरहान के कॉल रिकॉर्ड की जांच की। इससे पता चला कि एनकाउंटर से पहले बुरहान के नंबर से पाकिस्तान में कई कॉल किए गए थे। हो सकता है इसमें से कोई नंबर आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद का हो।

बुरहान की मौत के बाद से सईद उसके समर्थन में कई रैलियां कर चुका है। एक हफ्ते पहले पीओके में बुरहान की याद में आयोजित रैली में हाफिज सईद हिजबुल मुजाहिदीन के चीफ के साथ मंच साझा कर चुका है। दोनों ने कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए पाकिस्तान से हवाला के जरिए 50-60 करोड़ रुपए भेजे थे। 

जांच एजेंसियों के नए खुलासे के मुताबिक पिछले एक साल में करीब 100 करोड़ रुपए हवाला के जरिए कश्मीर घाटी में भेजे गए। दोनों आतंकियों ने इसके लिए पीओके में जैश कमांडर अब्दुर रऊफ और आईएसआई के अफसरों के साथ बैठक की।