दाल की बंपर पैदावर, किसानों को नहीं मिल रहे खरीददार

नई दिल्ली ( 25 अप्रैल ): अरहर की दाल ने पुरे महाराष्ट्र में हाहाकर मचा दिया है। किसान बेहाल हो चुके है जो दाल के दाम आसमान छूते थे आज उन्हें खरीददार तक नहीं मिल रहा है। महाराष्ट्र का यह हाल है जहां 22 अप्रैल से सरकार ने अरहर की दाल की खरीद पर रोक लगा दी है। किसान अब मजबूर हैं कि आखिर वो सरकारी मंडियों तक अरहर की दाल कैसे बेंचे जिससे उनकी लागत निकल सके।

महाराष्ट्र के सभी मंडियों के बाहर किसान कई दिनों से सैकड़ो कुंटल दाल लेकर खड़े हैं। नवी मुंबई के APMC बाजार जहां महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाको से लाखों कुंतल दालें आती हैं और यहीं से नवी मुंबई, मुंबई, थाणे और कल्याण सभी जगहों पर यह थोक विक्रेता रिटेल कारोबारियों को बेचते हैं। जिसके बाद आम लोग खरीदते हैं।


The Grain Rice oil seeds merchants association के सेक्रेटरी अशोक बाडिया APMC बाजार नवी मुंबई का कहना है यह सबसे बुरी स्थिति है। सरकार को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसान थोक विक्रेता रिटेलर, मजदुर सभी वर्ग परेशान हैं। किसान के खेत में इस बार अच्छी फसल हुई है और दाल की पैदावार में काफी इजाफा हुआ है।


उन्होंने कहा कि किसान को उम्मीद है कि उसे सही और अच्छा दाम मिलेगा, लेकिन यही हालात रहे तो किसान का मनोबल टूट जाएगा। वो अगली बार अरहर की खेती नहीं करेगा जिससे बाजर में अगले साल अरहर की दाल की किल्लत भी बढ़ेगी और दाम आसमान पर होगा जैसा पहले भी हो चूका है।


सरकार को जरूरत है कि किसानों को फायदा पहुचाएं, उचित दाम मिले। इसका एक ही समाधान है सरकार दाल को भारी मात्रा में एक्सपोर्ट करे जो विदेशों से दाल इम्पोर्ट की जा रही है उसे न करे, किसान को लागत और उनका मुनाफा मिलना चाहिए।