इस शख्स ने कर दिया कमाल, सालाना बचाएगा सेना के ₹2000000000000

नई दिल्ली (10 जून): भारत में होनहार लोगों की कमी नहीं है, कमी है तो सिर्फ उनको एक मौका देने की। इस बात का जिक्र आज हम इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि भारतीय वैज्ञानिक प्रोफेसर शांतनु भौमिक एक ऐसी तकनीक लेकर आए हैं, जिससे सेना को सालाना 20,000 करोड़ रुपये तक की बचत होगी।


प्रोफेसर शांतनु ने भारतीय सेना के जवानों के लिए एक बुलेटप्रूफ जैकेट बनाई है, जिसपर रक्षा मंत्रालय की कमेटी ने मुहर लगा दी है। पूर्ण रूप से स्वदेशी तकनीक से बनी यह जैकेट अल्ट्रा मॉडर्न लाइटवेट थर्मो-प्लास्टिक टेक्नॉलजी से बनी है। इसका निर्माण प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया प्रॉजेक्ट के अंतर्गत होगा। प्रधानमंत्री कार्यालय की हरी झंडी मिलने के बाद इसका निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।

अभी भारत अपने अमेरिका से जैकेट आयात करता है। एक जैकेट की कीमत अभी 1.5 लाख रुपये तक आती है, लेकिन शांतनु भौमिक के इस जैकेट की कीमत मात्र 50,000 रुपये होगी। इस तरह भारत सरकर इन जैकेटों की खरीद पर भारत सरकार सलाना 20,000 करोड़ रुपये बचा पाएगी।


वर्तमान में सुरक्षा बलों के द्वारा इस्तेमाल किये जा रहे जैकेट का वजन 15 से 18 किलो तक होता है, लेकिन इस मॉडर्न जैकेट का वजन बस 1.5 किलोग्राम के आसपास होगा। इसके अंदर कार्बन फाइबर की लेयर चढ़ी है, जुसकी वजह से यह 57 डिग्री तक के तापमान में काम करेगा।