इंडियन बुलेट ट्रेन में कोई टिकिट चैकर नहीं होगा, ऐसे होंगे स्टेशन !

नई दिल्ली (7 मार्च): देश की पहली बुलेट ट्रेन के रेलवे स्टेशन मौजूदा स्टेशनों से पूरी तरह से अलग होंगे। ये स्टेशन न सिर्फ पूरी तरह से कवर्ड होंगे, बल्कि इन स्टेशनों पर ऐसी मशीनें लग जाएंगी जो खुद ही टिकट जांचेंगी। यात्री के पास वैलिड टिकट होगा, तभी वह ट्रेन तक पहुंच पाएगा। यह इस तरह की व्यवस्था होगी कि ट्रेन के अंदर बाद में टिकट चेकिंग की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। हालांकि स्टेशनों के डिजाइन के कुछ पहलुओं पर अभी विचार जारी है।

 मुंबई से अहमदाबाद के बीच पहली बुलेट ट्रेन का निर्माण कार्य इसी साल शुरू होने की उम्मीद है।स्टेशन का ढांचा इस तरह से बनाया जाएगा कि पहले यात्री को सिक्यॉरिटी जांच करानी होगी और उसके बाद उसके टिकट की जांच होगी। स्टेशनों पर ऐसी मशीनें होंगी जो टिकट को खुद ही जांच सकेंगी। हालांकि, इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि शुरुआत में मशीनों के साथ ही टिकटों की मैन्युअल जांच की भी व्यवस्था हो।जापान में रेलवे स्टेशनों पर वेटिंग एरिया में ऐसी व्यवस्था नहीं होती कि वहां यात्री लंबे वक्त तक रुक सकें। लेकिन, भारत में यहां के हालात को देखते हुए बुलेट ट्रेन के स्टेशनों पर वेटिंग रूम बनाने पर विचार किया गया है। ये वेटिंग रूम बिजनस और स्टैंडर्ड क्लास के हो सकते हैं। इसी तरह से सिक्यॉरिटी और सेफ्टी के इंटरनैशनल कोड का भी इस्तेमाल किया जाएगा।