जापानी स्टाइल में बनेंगे स्टेशन, समंदर में दौड़ेगी बुलेट ट्रेन

नई दिल्ली ( 27 फरवरी ): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान अपने चुनावी घोषणा पत्र में बुलट ट्रेन चलाने का वागा वादा किया था। अब इसका सपना पूरा होने जा रहा है। भारत की पहली बुलेट ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलाने की तैयारी है। बुलेट ट्रेन के रेलवे स्टेशन आम रेलवे स्टेशनों से पूरी तरह से अलग होंगे। इतना ही नहीं ट्रेन को समुद्र के अंदर दौड़ाने के ऊपर भी विचार हो रहा है।  कहा जा रहा है कि इसके लिए मिट्टी परीक्षण किया जा रहा है और इसका निर्माण अगले वर्ष शुरू हो जाएगा। खबरों के मुताबिक समुद्र के अंदर करीब 70 मीटर तक मिट्टी और चट्टानों का परीक्षण किया जाएगा।

ट्रेंन में नहीं होंगे टीटीआई

स्टेशन इस तरह से बनाया जाएगा कि पहले यात्री को सिक्योरिटी जांच करानी होगी और उसके बाद उसके टिकट की जांच होगी। स्टेशनों पर ऐसी मशीनें होंगी जो टिकट को खुद ही जांच सकेंगी। हालांकि, इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि शुरुआत में मशीनों के साथ ही टिकटों की मैन्युअल जांच की भी व्यवस्था हो।

कवर्ड होंगे स्टेशन

रेलवे के एक शीर्ष अधिकारी के मुताबिक, 'बुलेट ट्रेन के लिए बनाए जाने वाले स्टेशनों की रूपरेखा तैयार करने को लेकर रेलवे बोर्ड में बैठक हुई थी। बैठक में स्टेशनों पर दी जाने वाली सुविधाओं और उसके ढांचे को लेकर विचार-विमार्श किया गया। स्टेशनों की रूपरेखा जापानी स्टेशनों जैसा ही होगा लेकिन भारत की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इसमें कुछ बदलाव किये जाएंगे। बुलेट ट्रेन या तो अंडरग्राउंड होगी या फिर एलिवेटेड।

वेटिंग एरिया में बदलाव

जापान में यात्री लंबे समय तक वेटिंग रूम में नहीं बैठ सकते हैं, लेकिन भारत में इसको इस तरह से बनाया जाएगा जिससे यात्री लंबे समय तक इसमें बैठ सकें। ये वेटिंग रूम बिजनेस और स्टैंडर्ड क्लास के हो सकते हैं। इसी तरह से सिक्यॉरिटी और सेफ्टी के इंटरनेशनल कोड का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

98 हजार करोड़ रुपये का है प्रोजेक्ट

इस प्रोजेक्ट पर 98 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे जिसमें पचास फीसदी हिस्सा भारतीय रेल का होगा तो 25-25 फीसदी हिस्सा महाराष्ट्र और  गुजरात का होगा। अहमदाबाद से मुंबई की दूरी 508 किलोमीदर है जिसको ट्रेनें अमूमन छ: से सात घंटे में तय करती हैं लेकिन बुलट ट्रेन इस दूरी को दो घंटे में कवर करेगी