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जॉब तलाश रहे युवाओं के लिए नए साल पर आएगी अच्छी खबर

रोजगार देने में पिछड़ी मोदी सरकार हर हाल में 2019 से पहले लोगों के लिए अच्छे दिन लाने की कोशिश में लगी है। इसी कड़ी में सरकार की तरफ से लाए जा रहे बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काफी तेजी से काम

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (18 दिसंबर): रोजगार देने में पिछड़ी मोदी सरकार हर हाल में 2019 से पहले लोगों के लिए अच्छे दिन लाने की कोशिश में लगी है। इसी कड़ी में सरकार की तरफ से लाए जा रहे बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काफी तेजी से काम चल रहा है। इसके भूमि अधिग्रहण का काम दिसंबर तक पूरा करने की योजना है और जनवरी से प्रोजेक्ट के लिए टेंडर जारी किए जाने शुरू कर दिया जाएंगे।

जॉब तलाश रहे लोगों के लिए अच्छी खबर यह है कि बुलेट ट्रेन के परिचालन के लिए नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (National High Speed Rail Corporation Limited) की ओर से लगभग 3500 लोगों की सीधी भर्ती की जाएगी। इसमें गाड़ियों को चलाने के लिए पायलट, पटरियां बिछाने व उनकी देखरेख के लिए स्टॉफ रखा जाएगा। वहीं सिग्नलिंग व अन्य तकनीकी कामों के लिए भी भर्ती की जाएगी। NHSRCL की ओर से ट्रैक बिछाने के लिए लगभग 2 लाख स्लीपर्स बिछाने के लिए 4 फैक्ट्रियां लगाई जाएंगी। इसके लिए भी कर्मियों की भर्ती की जाएगी। इन सीधी भर्तियों के अलावा सरकार के इस प्रोजेक्ट से अप्रत्यक्ष तौर पर लगभग 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है।

NHSRCL की ओर से बुलेट ट्रेन का काम शुरू करने के लिए जनवरी से टेंडर करने शुरू कर दिए जाएंगे। टेंडर खुलने में दो से तीन महीने का समय लग सकता है। इसके बाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत कंस्ट्रक्शन का काम शुरू हो जाएगा। बुलेट ट्रेन के परिचालन के लिए कर्मियों को पहले प्रशिक्षण देने का काम देने के लिए वड़ोदरा में बुलेट ट्रेन के लिए एक ट्रेनिंग सेंटर बनाया गया है। फरवरी तक यहां पर लगभग 200 मीटर का बुलेट ट्रेन का एक ट्रैक तैयार कर दिया जाएगा। इस ट्रैक को तैयार करने के लिए जापान में बने हुए 20 स्लैब मंगाए गए हैं। इन स्लैबों को कैसे जोड़ना है किस तरह की फिटिंग का का इसमें प्रयोग किया जाना व बुलेट ट्रेन के लिए ट्रैक तैयार करते समय किन बातों का ध्यान रखना है इन सभी बातों की ट्रेनिंग यहां पर दी जाएगी।

बुलेट ट्रेन के 12 रेलवे स्टेशनों को विकसित करने में भारतीय आर्किटेक्टों की मदद जापान के विशेषज्ञ करेंगे। मुंबई मेट्रोपॉलिटेंट रीजल डेवलपमेंट एथारिटी और गुजरात अरबन डेवलपमेंट एंड म्‍यूनिसिपल कमिश्नर की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बुलेट ट्रेनों के स्टेशन का आर्किटेक्चर तैयार करने और आसपास के क्षेत्र के विकास में जापान के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी।

आपको बता दें कि अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना के प्रस्ताव की 2014 में घोषणा की गई थी। इसकी योजना 2010 से बनाई जा रही थी। इसका निर्माण 1.10 लाख करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि से किया जाएगा, जिसकी करीब 20 फीसदी राशि जापान से दीर्घकालिक आसान ऋण के रूप में ली जाएगी। अहमदाबाद-मुंबई गलियारे पर गुजरात में आठ स्टेशन -वापी, भरूच, वड़ोदरा, आणंद, अहमदाबाद, बिलिमोरा, सूरत- होंगे, जबकि महाराष्ट्र में लगभग तीन स्टेशन होंगे।

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