बुलंदशहर हिंसा का नया वीडियो, पत्थरबाजी से गोली लगने तक की घटना हुई कैमरे में कैद

न्यूज 24 ब्यूरो, वरुण सिन्हा, राहुल प्रकाश, बुलंदशहर (5 दिसंबर): बुलंदशहर हिंसा का सबसे नया वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल ये तस्वीर इस बात की तस्दीक करती है कि कैसे लोग एकाएक बेकाबू हुए। दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो ठीक उस वक्त का है जब इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या हुई। इस वीडियो में वो लड़का सुमित भी दिख रहा है जिसकी फायरिंग में मौत हुई। फिलहाल पुलिस-प्रशासन ने इस वीडियो की पुष्टि नहीं की है।

3 मिनट 17 सेकेंड के इस वीडियो में जो कुछ दिख रहा है, वो बेहद परेशान करने वाला है। भीड़ से एक आवाज ये भी सुनाई देती है पुलिस वालों को मत मारो। इसी बीच एक और आवाज़ सुनाई पड़ती है कि गोली मारी दी। इसके बाद भीड़ पूरी तरह हिंसक हो जाती है। तस्वीरों में दिखता है कि एक लड़के को गोली लगी हुई है और उसके साथी उसे संभालते हुए लेकर भाग रहे हैं।

वीडियो में देखकर पता चलता है कि खाकी पैंट और टी शर्ट पहने यह लड़का पहले हाथ में बड़े-बड़े पत्थर लिए हुए है। ये आगे बढ़कर पुलिस वालों पर पत्थर फेंक रहा है और दूसरी तस्वीर में इसी लड़के को गोली लगी हुई दिखती है। क्या पत्थर फेंकने वाला ये लड़का और गोली से घायल ये लड़का एक ही हैं, ये जांच के बात पूरी तरह साफ हो पाएगा। इसी बीच आवाज़ तेज़ होने लगती है कि गोली मार दो, इसने मारी है गोली।

इसी बीच वीडियो में दूर से एक पुलिसवाले के सामने एक सफेद रंग की टी शर्ट पहने शख्स खड़ा नजर आता है। ऐसा कहा जा रहा है कि वीडियो में वर्दी में नजर आ रहा ये शख्स इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह हैं। इस वीडियो को इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के ऐन वक्त पहले का बताया जा रहा है। हालांकि न्यूज़ 24 इसकी पुष्टि नहीं करता। अचानक शोर तेज हो जाता है, मारो-मारो की आवाज़ें लगातार गूंज रही हैं। इसी दौरान कैमरा तेजी से हिल रहा है, तस्वीरें साफ नहीं। जब कैमरा स्थिर होता है तो सामने एक पुलिस का जवान हाथ में राइफल लिए नजर आता है, जिसे भीड़ धमकियां दे रही है।

वीडियो में आवाज़ें आती हैं कि इसी ने गोली मारी है। इसके बाद वीडियो में एक पुलिस कर्मी जमीन पर गिरा नजर आता है। ये खेत में बने नाले के ठीक पास की जगह है। बताया जा रहा है कि इसी जगह इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को मारी गई। जहां से बाद में पुलिसवाले उन्हें उठाकर पुलिस की गाड़ी से अस्पताल ले जाने की कोशिश में थे, लेकिन भीड़ के हमले की वजह से पुलिसवाले जख्मी इंस्पेक्टर को पुलिस की गाड़ी में ही छोड़कर भाग निकले। लेकिन जो गुंडे इस तस्वीर में दिख रहे हैं वो बेहद गुस्से में दिख रहे हैं। जीप के पास एक शख्स हथियार के साथ भी दिखता है। इस वीडियो को देखने के बाद एक बात बिल्कुल साफ है कि गोकशी के नाम पर जो लोग प्रदर्शन करने आए थे, वो सिर्फ प्रदर्शन कर घर लौटने के मूड में नहीं थे। तहकीकात में पता चला है कि गोकशी का केस पुलिस ने दर्ज कर लिया था, लेकिन उसके बाद भी गोकशी के अवशेष को ट्रैक्टर में रखकर थाने के सामने लाए और सड़क को जाम कर दिया और जैसे ही पुलिस ने लोगों को सड़क से हटाना चाहा एकाएक बवाल हो गया।