बुलंदशहर गैंगरेप: पीड़िता ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

नई दिल्ली(13 अगस्त): बुलन्दशहर में हुए गैंगरेप की नाबालिग पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट की दरवाज़ा खटखटाया है। पीड़िता की तरफ से दाखिल याचिका में घटना के बाद आये यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री आज़म खान के बयान को निंदनीय करार देते हुए एफआईआर की माँग की है।

- घटना के बाद आज़म खान ने इसे राजनीतिक साज़िश बताया था। साथ ही याचिका में ये भी कहा गया है बुलन्दशहर जिले के उन पुलिस अधिकारियों पर भी एफआईआर दर्ज की जाऐ जिन्होंने जानबूझकर अपनी जिम्मदारियां नहीं निभाई और गैंगरेप जैसी घटना उनके इलाके में घटी। - पीड़िता का ये भी कहना है कि उस इलाके में पहले भी घटनाएँ होने के बावजूद जानबूझकर सुरक्षा के क़दम नहीं उठाये गये।

- वकील किश्लय पांडे की तरफ से दाखिल की गयी याचिका में पीड़िता को पूरी सुरक्षा, शिक्षा, पुनर्वास की माँग करते हुए कहा गया है कि  पीड़िता को बावरिया गिरोह से जान का ख़तरा है। पीड़िता के साथ कोई भी हादसा हो सकता है।

- पीड़िता ने याचिका में कहा है कि पूरे मामले का ट्रायल यूपी से हटाकर दिल्ली की किसी अदालत में किया जाऐ क्योंकि पीड़िता को यूपी में न्याय पाने की उम्मीद नहीं है।

- ग़ौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए सीबीआई जाँच की संतुति कर दी है। हाईकोर्ट ने जाँच का आदेश देते हुए साफ कहा कि वो जाँच से संतुष्ट नहीं है इसलिये आगे की जाँच सीबीआई करेगी।

-29 जुलाई की रात कोतवाली देहात क्षेत्र दोस्तपुर गांव के निकट हाईवे पर बदमाशों ने रोड होल्डअप कर मां-बेटी के साथ गैंगरेप किया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी सलीम बावरिया के साथ उसके दो साथियों परवेज और जुबेर की गिरफ्तारी करके घटना का ख़ुलासा किया था।