वित्त मंत्री बजट में करेंगे ये 10 बड़े ऐलान...

नई दिल्ली (31 जनवरी): वित्त मंत्री अरुण जेटली 1 फरवरी को बजट का ऐलान करेंगे। लेकिन इस बार 93 साल में पहली बार पहली बार रेल बजट अलग से पेश नहीं होगा। 1924 में अंग्रेजों के वक्त से 2016 तक रेल बजट अलग से पेश किया जाता रहा है।

नीति आयोग के मेंबर बिबेक देबरॉय और किशोर देसाई की कमेटी ने रेल बजट खत्म करने की सिफारिश की थी। दरअसल, रेलवे सरकारी खजाने से 40 हजार करोड़ रुपए मिलने के बाद हर साल करीब 10 हजार करोड़ रुपए डिविडेंड के तौर पर चुकाता है। रेलवे को कमर्शियल वेंचर माना जाता है। उसे सरकार और दूसरे सेक्टर्स से ऐड मिलते हैं। उसका 6% रेलवे केंद्र को देता है।

इसके अलावा 1924 से आम बजट फरवरी की आखिरी तारीख को पेश होता आ रहा है। इस बार ऐसा पहली बार होगा जब बजट फरवरी की पहली तारीख को पेश होगा। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि सालाना खर्च से जुड़े प्लान और प्रपोजल्स को अगला फाइनेंशियल ईयर शुरू होने से काफी पहले संसद की मंजूरी मिल सके।

2000 तक आम बजट शाम 5 बजे पेश होता था। लेकिन वाजपेयी सरकार के वक्त 2001 में यशवंत सिन्हा ने यह ट्रेंड बदला और बजट 11 बजे पेश होने लगा।

वीडियो: बजट में हो सकते हैं ये 10 बड़े ऐलान...