अब फरवरी नहीं जनवरी में देश का बजट!

मनीष कुमार, नई दिल्ली (22 अगस्त): मोदी सरकार अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही एक बड़ी परंपरा को बदलने की तैयारी कर चुकी है। अब सरकार देश का आम बजट फरवरी की जगह जनवरी में लाना चाहती है। अगर, सरकार सरकार की रणनीति के हिसाब से सब कुछ ठीक-ठाक चला तो बजट फरवरी की जगह जनवरी के आखिरी में ही जनता के सामने होगा।

हो सकता है कि अब आपको देश के आम बजट के लिए लिए फरवरी के आखिर तक इंतजार न करना पड़े। सूत्रों से न्यूज़ 24 को मिली जानकारी के मुताबिक, वित्त मंत्रालय अब फरवरी की जगह जनवरी में बजट पेश करने की तैयारी कर रहा है।

दलील दी जा रही है कि इससे बजट से जुड़े सभी जरुर काम 31 मार्च तक निपटाए जा सकेंगे और नया बजट एक अप्रैल से लागू किया जा सकेगा। उद्योग जगत का कहना है कि उनकी सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं, कारोबार जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि सरकार अगर ऐसे प्रयोग करती है तो इसमें कोई बुराई नहीं है।

मौजूदा समय में...फरवरी महीने के आखिरी दिन बजट पेश किया जाता है।अप्रैल में बजट सत्र के दूसरे चरण शुरू होता है।मई के दूसरे हफ्ते में बजट के संसद से मंजूरी मिलती है।अप्रैल-मई के बीच सरकार अपने खर्च के लिए संसट में वोट ऑन एकाउंट पास कराती है।वित्त मंत्रालय वोट ऑन एकाउंट की परंपरा को खत्म करना चाहती है।कई टैक्स ऐसे हैं जो संसद से बजट पास होने के बाद ही लागू होते हैं।

फरवरी की जगह जनवरी में बजट लाने की योजना पर आगे बढ़ने के लिए सरकार को राजनीतिक सहमति भी बनानी पड़ेगी, क्योंकि दिसंबर के आखिरी हफ्ते में शीतकालीन सत्र खत्म होता है। जनवरी महीने के आखिरी हफ्ते में बजट पेश करने के लिए ठीक एक महीने बाद ही बजट सत्र बुलाना पड़ेगा। एक सत्र के बाद दूसरे सत्र को इतनी जल्द बुलाने पर सांसदों को आपत्ति हो सकती है। सरकार पहले ही रेल बजट पेश करने के रिवाज को बंद करने की तैयारी कर चुकी है और अब उसे आम बजट का हिस्सा बनाने जा रही है।