अब फ्री में अपने रिश्तेदारों से गिफ्ट नहीं ले सकेंगे एनआरआई

Nirmala Sitaramanन्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (10 जुलाई): अब विदेशों में रहने वाले अप्रवासी भारतीय अपने रिश्तेदारों से मुफ्त में गिफ्ट नहीं ले पाएंगे। अगर एनआरआई अपने रिश्तेदारों से 50,000 रुपये से अधिक की नकदी या कोई वस्तु भारत में बसे अपने रिश्तेदार से प्राप्त करते हैं, उस पर उन्हें टैक्स देना पड़ेगा। एनआरआइ को मिलने वाले गिफ्ट पर टैक्स वसूलने के लिए केंद्र सरकार ने वित्त विधेयक 2019 के जरिये आयकर कानून में संशोधन का प्रस्ताव किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को  लोकसभा में वित्त विधेयक 2019 पेश किया। इन संशोधन प्रस्तावों के कानून का रूप लेने पर अनिवासी भारतीयों के लिए टैक्स दिए बगैर उपहार पाना मुश्किल हो जाएगा।

आयकर कानून की धारा-नौ के तहत अगर किसी अनिवासी को भारत में कोई आय होती है तो उस पर उसे टैक्स देना होता है। मौजूदा प्रावधानों के तहत आयकर कानून की धारा-56 की उपधारा-दो के क्लॉज एक्स के तहत कुछ निश्चित छूटों के अलावा गिफ्ट प्राप्त करने वाले व्यक्ति को उस पर टैक्स देना होता है।

वित्त मंत्रालय के संज्ञान में यह बात आई है कि भारत में रहने वाले लोग बाहर रह रहे रिश्तेदारों को उपहार के रूप में बड़ी राशि या संपत्ति दे रहे हैं। उपहार के रूप में मिलने के कारण अनिवासी दावा करते हैं कि इसे उनकी आय नहीं माना जा सकता, इसलिए उन पर टैक्स नहीं लगता। इस तरह के मामलों में भी टैक्स वसूली सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने आयकर कानून में जरूरी संशोधन का प्रस्ताव किया है। प्रस्तावित संशोधन पास होने की स्थिति में इसे पांच जुलाई, 2019 से ही लागू माना जाएगा।