नौकरी करने वालों को बजट में मोदी सरकार देगी ये बंपर छूट, जानिए...

डॉ. संदीप कोहली,नई दिल्ली (31 जनवरी): राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अभिभाषण के साथ संसद का बजट सत्र शुरु हो गया। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अर्थव्यवस्था का लेखा-जोखा यानी आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। आम बजट पेश होने के एक दिन पहले आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाता है। इसके जरिये सभी क्षेत्रों की तस्वीर पेश की जाती है और मौजूदा आर्थिक हालात के बारे में बताया जाता है। इस बार के आर्थिक सर्वेक्षण में खास बात ये रही कि व्यक्तिगत आयकर दरों में कटौती की सिफारिश की गई है। जो कि पिछले साल के आर्थिक सर्वेक्षण में नहीं थी। इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि नौकरीपेशा लोगों को इनकम टैक्स में छूट मिल सकती है। आयकर के दायरे में छूट कितनी होगी, किस आधार पर तय की जाएगी ये तो कल बजट पेश होने के बाद ही पता चलेगा। लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इसके लिए सरकार 5 प्लान पर काम कर रही है और सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है।

प्लान नंबर 1- टैक्स छूट बढ़ाना

प्लान नंबर 1 के तहत

    *छूट की सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 4 लाख की जा सकती है

    *4 लाख रुपये तक कर योग्य आय वालों को इनकम टैक्स नहीं देना है।

    *4 लाख से 10 लाख तक 10 फीसदी टैक्स किया जा सकता है

    *10 लाख से 15 लाख तक 15 फीसदी टैक्स किया जा सकता है

    *15 लाख से 20 लाख इनकम पर 20 फीसदी टैक्स किया जा सकता है

    *और 20 लाख से ज्यादा इनकम पर 30 फीसदी टैक्स वसूला जा सकता है

अब सवाल उठता है कि आख़िर प्लान 1 के तहत कितनी बचत होगी..

इनकम फिलहाल संभावित बचत

    *4 लाख से 10 लाख - 25,000 रुपये 15,000 रु 10,000

    *5 लाख से 10 लाख - 125,000 रुपये 1,15,000 रु 10,000

करयोग्य आयमौजूदा दरनई दरमौजूदा आयकर + शिक्षा सरचार्जमौजूदा आयकर दर + शिक्षा सरचार्ज बचत
4,00,00010015,450015,450
10,00,00020101,28,75061,80066,950
15,00,00030152,83,2501,39,0501,44,200
20,00,00030204,37,7502,42,0501,95,700

प्लान नंबर 2- टैक्स स्लैब में बदलाव

प्लान नंबर 2 के तहत

    *छूट की सीमा 2.5 लाख तक में कोई बदलाव नहीं होगा

    *2.5 से 5 लाख की इनकम में 10 फीसदी टैक्स को 5 फीसदी किया जा सकता है

    *5 से 7.5 लाख की इनकम पर 10 फीसदी टैक्स किया जा सकता है

    *7.5 से 10 लाख की इनकम पर 20 फीसदी टैक्स किया जा सकता है

    *10 लाख से ज्यादा कमाई पर 30 फीसदी टैक्स वसूला जा सकता है

अब सवाल उठता है कि आख़िर प्लान नंबर 2 के तहत कितनी बचत होगी.. इसे भी समझिए..

इनकम फिलहाल संभावित बचत

    *2.50 लाख रु तक - टैक्स नहीं टैक्स नहीं 0

    *2.50 लाख से 5 लाख - 25,000 रुपये 12,500 रु 12,500 रु

    *5 लाख से 7.50 लाख - 75,000 रुपये 37,500 रु 37,500 रु

    *7.50 लाख से 10 लाख - 1,25,000 रुपये 87,500 रु 37,500 रु

प्लान नंबर 3- सेक्शन 80C में फायदा

सेक्शन 80C में अधिकतम 1.5 लाख रुपये की लिमिट है.. पीपीएफ, एनएससी, ईपीएफ, टैक्स-सेविंग म्यूचुअल फंड, पांच साल के लिए फिक्सड बैंक डिपोजिट्स या पोस्टऑफिस डिपोजिट्स बीमा प्रीमियम सभी सेक्शन 80C के अंतर्गत आते हैं.. इसकी 1.5 लाख की लिमिट बजट 2014 में 1 लाख से बढ़ाकर की गई थी। वहीं एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार भी ये लिमिट बढ़ाई जानी चाहिए जिससे लोगों को ज्यादा बचत, निवेश करने का मौका मिल सके..

प्लान नंबर 4- नेशनल पेंशन सिस्टम

नेशनल पेंशन सिस्टम में 50 हजार के योगदान पर आयकर पर कटौती की सुविधा दी गई थी.. किसी भी नागरिक को टैक्स में कटौती 50 हजार रुपये तक की लिमिट में मिलती है.. सरकारी कर्मचारी, प्राइवेट फर्म के कर्मचारी, सेल्फ इम्प्लोइड 50 हजार रुपये तक के टैक्स बेनिफिट्स क्लेम कर सकता है.. वहीं सेल्फ इम्पमलॉइड भी इसके जरिए टैक्स बेनिफिट क्लेम कर सकते हैं..

प्लान नंबर 5- सेक्शन 80CCD(2)

सेक्शन 80CCD(2) के तहत कर्मचारी का 10 फीसदी योगदान और डीए मिलकर टैक्स कटौती के लिए योग्य हो जाता है.. वहीं कर्मचारी का अतिरिक्त योगदान टैक्स कटौती के लिए क्लेम कर सकता है क्योंकि ये सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये की लिमिट में नहीं आता.. ऐसे में कर्मचारी अपने इस योगदान को बिजनेस में प्रॉफिट एंड लॉस खर्चे की तरह पेश कर टैक्स बेनिफिट ले सकता है..

सरकार के सामने बड़ी चुनौती उन लोगों को टैक्स में राहत देने की है जो सालाना 10 लाख रुपए से ज्यादा कमाई करते हैं.. ऐसे में सरकार उन्हें बड़ी राहत देने पर विचार कर रही है.. नोटबंदी के बाद कई उद्योग धंधे मंद पड़ गए हैं.. बेरोजगार भी कम हो गया है.. ऐसे में समझिए कि आखिर क्यों ज़रूरी है टैक्स में छूट..

क्यों जरूरी टैक्स में छूट ?    *उद्योग जगत को संकट से उबारने के लिए सरकार पर भारी दबाव    *नकदी के संकट से उत्पादन बहुत कम हो गया है    *टैक्स छूट की सीमा बढ़ेगी तो लोगों की सेविंग की क्षमता बढ़ेगी    *बचाए गए पैसों से लोग ज्यादा खरीदारी कर सकेंगे    *बाज़ार में मांग बढ़ेगी जिससे उद्योग धंधों को फायदा होगायानी सरकार अगर इनकम टैक्स में छूट देगी तो न केवल मध्यम वर्ग को फायदा होगा बल्कि इससे इनफ्रास्ट्रक्चर को भी बल मिलेगा.. नोटबंदी की 50 दिनों की परेशानी के बाद सरकार पर आम जनता को रिटर्न गिफ्ट देने का प्रेशर भी है और ज़रूरत भी..