खुशखबरी! बजट के बाद इतने गिरेंगे कार के दाम...

शिवांग माथुर, नई दिल्ली (29 जनवरी): अमीर हो, मध्यम वर्ग हो या फिर गरीब हर इंसान की ख्वाहिश होती है कि उसके पास कार हो। इनकम और हैसियत के मुताबिक कार बड़ी या छोटी हो सकती है, लेकिन लोग यही चाहते हैं कि कार खुद की हो। हर इंसान कार खरीदना चाहता है, ताकि सफर सुहाना हो सके। जिंदगी, कारोबार और नौकरी में रफ्तार आ सके।

1 फरवरी को जब जब वित्त मंत्री अरुण जेटली अपनी पोटली खोलेंगे। समाज के हर तबके को सौगात देने की कोशिश करेंगे। लिहाजा ऐसे लोग जो खुद की कार खरीदना चाहते हैं, उनकी जुबान पर बस यही सवाल है। सवाल ये कि क्या आम लोग अपनी खुद की कार खरीद पाएंगे?

- बजट में वित्त मंत्री कॉर्पोरेट टैक्स में कमी करने का ऐलान कर सकते हैं।

- कार लोन पर ब्याज दरें भी घटाई जा सकती हैं।

- विदेश निवेश आ सके। बिजनेस आसान हो सके। इसके लिए कारों के आयात शुल्क में कटौती की जा सकती है।

- उत्पाद शुल्क में भी कमी की संभावना है।

- ऑटो मोबाइल सेक्टर की मांग है कि कॉरपोरेट टैक्स 20 फीसदी से ज्यादा ना हो।

जानकारों का कहना है कि अभी विदेशी गाड़ियों पर आयात शुल्क इतना ज्यादा है कि भारत पहुंचते-पहुंचते उनकी कीमतें आसमान छूने लगती हैं। ऐसे में जरूरी है कि इंपोर्ट ड्यूटी कम की जाए। ऐसा हुआ, तभी हिंदुस्तान में कारों की कीमत कम हो सकती है।

 कार खरीदने वालों और ऑटो मोबाइल सेक्टर को बजट से तो राहत मिल ही सकती है, लेकिन सबसे बड़ी राहत जीएसटी से मिलेगी। 1 जुलाई से एक देश, एक टैक्स यानि जीएसटी लागू होने वाला है। इसके बाद कारें सस्ती होंगी।

आपको बताएंगे कि जीएसटी से कारें सस्ती कैसे होंगी, लेकिन उससे पहले ये जान लीजिए की जीएसटी है क्या?

- कार के फैक्ट्री में बनने से लेकर कस्टमर तक पहुंचने में 30 से 35 फीसदी टैक्स की मार पड़ती है।

- केंद्र सरकार उत्पादन शुल्क, कस्टम, सर्विस टैक्स जैसे इनडायरेक्ट टैक्स वसूलती है।

- देश के अलग-अलग राज्यों में टैक्स की अलग-अलग दरें लगती हैं।

- करों की ये बोझ आखिरकार कंपनियों और कस्टमर पर पड़ती है।

- नतीजतन कारें महंगी हो जाती हैं। लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद सिर्फ एक टैक्स लगेगा।

- ये सिस्टम पूरे देश में समान दर पर लागू होगा।

- सिर्फ एक टैक्स लगने से दरों में कमी आएगी।

अभी ऑटो मोबाइल कंपनियों को इतनी ज्यादा टैक्स चुकानी पड़ रही है कि उनकी हालत खस्ता है। नोटबंदी के बाद तो मार्केट की कमर ही टूट गई है।

- ऑटो सेक्टर में अभी कंपनियां 30 से 47 फीसदी तक टैक्स चुकाती हैं।

- जीएसटी लागू होने के बाद कंपनियों पर टैक्स घटकर 20-22 फीसदी तक आने की उम्मीद है।

जब टैक्स कम देने पड़ेंगे, तो कारें कम कीमत में बनेंगी। कारोबार आसान होगा और आखिरकार खरीदारों को अपनी जेब भी कम ढीली करनी पड़ेगी। वहीं कुछ जानकारों का कहना है कि अगर सरकार जीएसटी में सेस लगाती है, तो कार सस्ती नहीं होंगी।

मतलब ये कि बजट के साथ-साथ जीएसटी आम लोगों के लिए बड़ी सौगातें लेकर आ रहा है। जिससे आपके सस्ते कार का सपना साकार हो सकेगा। जानकार ये भी कहते हैं कि बजट और जीएसटी लागू होने के बाद लग्जरी कारों की कीमत पर तो फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन छोटी और मीडिया सेग्मेंट की कारें सस्ती होंगी। छोटी कारें करीब 45 हजार रुपए सस्ती हो जाएंगी। इतना ही नहीं मिनी एसयूवी की कीमतें भी घटेंगी। मतलब ये कि जो कार अभी तीन लाख में मिलती है, वो आपको सिर्फ ढाई लाख में मिलेगी।