#BUDGET2017: सेकंडरी एजुकेशन को अलग से फंड देगी सरकार

नई दिल्ली (1 फरवरी): वित्त मंत्री अरुण जेटली ने देश का बजट पेश किया। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि प्रवेश परीक्षाओं के लिए अलग से बॉडी बनाई जाएगी। इसी के साथ सेकंडरी एजुकेशन को अलग से प्रोत्साहित करने के लिए फंड की व्यवस्था की गई है।

जेटली के भाषण के मुख्य अंश...

- प्रवेश परीक्षाओं के लिए अलग से बॉडी बनाई जाएगी

- सेकंडरी एजुकेशन को अलग से प्रोत्साहित करने के लिए फंड की व्यवस्था की गई है

- अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए 4195 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

- एससी, एसटी और अल्पसंख्यकों के विकास के लिए भी सरकार खास ध्यान दे रही है।

- गुजरात, झारखंड में एम्स खोले जाएंगे।

- 2019 तक 50 हजार पंचायतें गरीबी मुक्त करने का लक्ष्य बनाया गया है।

- प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 27 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

- महिलाओं के लिए आंगनबाड़ी के माध्यम से 500 करोड़ रुपये के खर्च का विशेष प्रावधान किया गया है।

- गर्भवती महिलाओं के लिए 6000 रुपये उनके बैंक अकाउंट में सीधे डाले जाएंगे।

- राज्यों के साथ मिलकर 5 अलग टूरेज्म क्षेत्र बनाए गए हैं।

- टेक्स्टाइल सेक्टर में रोजगार प्रदान करने के लिए अलग से योजना शुरू की गई है।

- प्रवेश परीक्षाओं के लिए अलग से बॉडी बनाई जाएगी।

- अब 60 फीसदी गांवों में शौचालय है, स्वच्छ भारत मिशन में सरकार को सफलता मिल रही है।

- सेकंडरी एजुकेशन को अलग से प्रोत्साहित करने के लिए फंड की व्यवस्था की गई है।

- एक करोड़ परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर निकालने में सफलता मिली है।

- डेयरी विकास के लिए 8000 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है।

- राष्ट्रीय पेयजल योजना के तहत आर्सेनिक और फ्लोराइड प्रभावित इलाकों तक पानी पहुंचानी की कोशिश।

- प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत रोजाना 133 किलोमीटर सड़कें बनाई गईं।

- 1 मई 2018 तक देश के सभी गांवों तक बिजली पहुंचा दी जाएगी।

- प्रधानमंत्री अवास योजना के तहत 2019 तक एक करोड़ घर दिए जाएंगे।

- प्रधानमंत्री सड़क योजना के मुताबिक रेकॉर्ड तेजी से सड़क बनाई जा रही है।

- मनरेगा के तहत जितने भी संसाधन हैं उनपर जियोटैग लगाने की बात है।

- मनरेगा के लिए पिछले साल 38000 करोड़ दिए थे, इस बार बजट में 48000 करोड़ रुपये का प्रावधान।

- मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी 55 फीसदी हुई।

- मार्च 2017 तक मनरेगा के तहत 10 लाख तालाब बना लिए जाएंगे।

- सरकार मनरेगा को भी नए तरीके से किसानों, मजदूरों के बीच लेकर जा रही है।

- 2019 तक एक करोड़ परिवारों को गरीबी से बाहर लाने का लक्ष्य रखा गया है।