फर्जी है मायावती-अखिलेश वाला पोस्टर- बीएसपी


लखनऊ (21 अगस्त): बहुजन समाजवादी पार्टी ने मायावती और अखिलेश यादव वाले पोस्टर को फर्जी करार दिया है। बीएसपी महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने आधिकारिक बयान जारी कर इस पोस्टर को फर्जी बताया है। उन्होंने कहा कि बीएसपी का आधिकारिक ट्विटर अकाउंट नहीं है। लिहाजा बीएसपी के ट्विटर हैंडल के नाम से पोस्टर जारी करने का सवाल ही नहीं उठता है।  बसपा प्रमुख मायावती ने भी पोस्टर मामले का खंडन किया, मायावती ने कहा कि पोस्टर पार्टी ने जारी नहीं किया है।

आपको बता दें कि रविवार को जारी किए इस पोस्टर में अखिलेश और मायावती के साथ आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ जेडीयू के बागी नेता शरद यादव की भी तस्वीर है। इस पोस्टर में लिखा है, 'सामाजिक न्याय के समर्थन में विपक्ष एक हो।'

आपको बता दें कि बीएसपी सुप्रीमों मायावती ने हाल ही में संसद के मॉनसून सत्र में दलितों के मुद्दे पर बोलने से रोकने का आरोप लगाते हुए राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद लालू प्रसाद यादव ने उन्हें बिहार से राज्यसभा भेजने की पेशकश की थी।

वहीं अखिलेश यादव ने यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान कहा था कि मैंने हमेशा मायावती को एक रिश्ते के तौर पर संबोधित किया है तो लोगों को लग सकता है कि कहीं हम बीएसपी से गठबंधन न कर लें।  हां अगर सरकार के लिए ज़रूरत पड़ेगी तो देखिए, कोई नहीं चाहेगा कि राष्ट्रपति शासन हो बीजेपी रिमोट कंट्रोल से उत्तर प्रदेश को चलाएं। इससे बेहतर होगा कि एसपी और बीएसपी साथ मिलकर सरकार बनाएं।