Blog single photo

BSNL-MTNLके विलय को सैद्धान्तिक मंजूरी, रिवाइवल प्लान को कैबिनेट की मुहर

सार्वजनिक क्षेत्र की टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल और एमटीएनएल के रिवाइवल प्लान और साथ ही सैद्धांतिक तौर पर दोनों कंपनियों के आपस में विलय को सरकार ने

Image Source Google

मनीष कुमार, न्यूज़ 24  ब्यूरो, नई दिल्ली(23 अक्टूबर): सार्वजनिक क्षेत्र की टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल और एमटीएनएल के रिवाइवल प्लान और साथ ही सैद्धांतिक तौर पर दोनों कंपनियों के आपस में विलय को सरकार ने मंजूरी दे दी है। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट में बीएसएनएल और एमटीएनएल को 20000 करोड़ रुपये देकर दोनों कंपनियों को संकट से उबारने का फैसला लिया गया।  साथ ही दोनों सरकारी टेलीकॉम कंपनियों को 4जी स्पेक्ट्रम आवंटित किया जाएगा जिससे ये देशभर में अपने ग्राहकों को 4जी सेवा, ब्रॉडबैंड और हाईस्पीड इंटरनेट सेवा उपलब्ध करा सकें। स्पेक्ट्रम आवंटन में आने वाले 20140 करोड़ रुपये का ख़र्च केंद्र सरकार वहन करेगी। साथ स्पेक्ट्रम आवंटन पर लगने वाला 3674 करोड़ रुपये जीएसटी भी केंद्र सरकार बजटीय आवंटन के माध्यम से वहन करेगी। 

कैबिनेट की फैसले की जानकारी देते हुए आईटी और टेलीकॉम मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भरोसा दिलाया कि बीएसएनएल और एमटीएनएल को ना ही बंद किया जा रहा है, ना ही बेचा जा रहा और ना विनिवेश किया जा रहा है। रविशंकर प्रसाद के मुताबिक  एमटीएनएल और बीएसएनएल  का विलय किया जा रहा है हालांकि इसमें थोड़ा समय लगेगा। उन्होंने उम्मीद जाहिर किया कि इन कदमों से ये दोनों ही कंपनियां मुनाफे में आ जाएंगी।

बीएसएनएल और एमटीएनएल 15,000 करोड़ रुपये के लम्बी अवधि वाले बांड जारी करेगी, जिसकी गारंटी सरकार देगी। बांड के जरिये मिले पैसे से दोनों कंपनियां अपने ऊपर बकाया कर्ज चुकायेगी। इसके अलावा दोनों ही कंपनियां अपनी संपत्तियों को भी बेचेंगी जिससे कर्ज वापस किया जा सके और बांड पर बकाए को चुकता कर सके। अगले 4 सालों में संपत्तियों को बेचकर 38000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। 

बीएसएनएल और एमटीएनएल के ऊपर सबसे बड़ा संकट है जरूरत से ज्यादा कर्मचारियों के संख्या की। 50 साल से अधिक उम्र के कर्मचारियों के लिए बीएसएनएल और एमटीएनएल आकर्षक वीआरएस स्कीम लेकर आएगी। जिसपर 17,169 करोड़ रुपये के खर्च होने का अनुमान है। इन दोनों कंपनियों के कर्मचारियों के पेंशन और ग्रैच्युटी पर आने वाला खर्च भी केंद्र सरकार उठाएगी। इस पूरे योजना का खाका तैयार किया जाएगा। 

Tags :

NEXT STORY
Top