जाली नोट के साथ गिरफ्तार उमर फारुक का चौंकाने वाला बयान, अधिकतर सिक्योरिटी फीचर्स में सेंध

नई दिल्ली ( 16 जनवरी ): सुरक्षा एजेंसी एनआइए और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के संयुक्त अभियान में हत्थे चढ़े फिरोज के चौंकाने वाले खुलासे ने सोचने पर विवश कर दिया है। बीएसएफ सूत्रों के अनुसार पूछताछ में उसने कबूल किया है कि 2000 और 500 रुपये के नए नोट अब पाकिस्तान के साथ-साथ बांग्लादेश में भी छापे जा रहे हैं।

उसने बताया कि राजधानी ढाका व आस-पास के इलाकों में सेंटर बनाया गया है। नोटों की छपाई ऐसी हो रही है कि असल और नकल में फर्क मुश्किल हो गया है, क्योंकि सुरक्षा मानकों का बारीकी से ख्याल रखा जा रहा है। एनआइए की पूछताछ में उमर ने बताया कि 2000 के नए नोटों में 17 सुरक्षा कोर्ड लगाए गए हैं। जाली नोटों में करीब 90 फीसद का इस्तेमाल हो रहा है। नोट छापने के लिए स्टांप पेपर का इस्तेमाल हो रहा है, ताकि नोट असली लगे।

उधर, उमर से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर ही सीमा क्षेत्र में रातभर तलाशी अभियान चला कर दो लाख रुपये के जाली नोट जब्त किए गए। एनआइए आठ फरवरी को मुर्शिदाबाद जिले के इस्लामपुर से गिरफ्तार अजीजुर रहमान नामक तस्कर से भी पूछताछ कर सकती है, जिसे 2000 के 40 नोट (80,000 रुपये) के साथ गिरफ्तार किया गया था। वहीं बांग्लादेश की सीमा से सटे मालदा जिले से नए 2000 के जाली नोटों की पहली बार इतनी बड़ी खेप पकड़ी गई है दो लाख मूल्य के दो हजार रुपये के जाली नोट बरामद हुए। नवंबर में नोटबंदी के बाद से जाली नोट धंधे का हब कहे जाने वाले मालदा में यह कारोबार बंद था, पर पिछले एक माह में फिर जाली नोट का धंधा जोर पकड़ने लगा है।