पश्चिम बंगाल: जाली नोट के तस्कर को NIA ने किया गिरफ्तार

नई दिल्ली ( 16 जनवरी ): सीमा सुरक्षा बल बीएसएफ के अधिकारियों ने आज कहा कि बीएसएफ और राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने जाली भारतीय नोटों की तस्करी में कथित तौर पर शामिल एक व्यक्ति को मालदा जिले के कालियाचक से गिरफ्तार किया और एक अन्य अभियान में नए नोटों की शक्ल में दो लाख रूपए जब्त किए।

एनआईए की ओर से दी गई सूचना पर उमर फारूक नाम के व्यक्ति को कल गिरफ्तार किया गया। बीएसएफ और एनआईए के संयुक्त अभियान में उमर को गिरफ्तार किया गया। जाली भारतीय नोटों की तस्करी के एक और मामले में एनआईए को उमर की तलाश थी। उसके पास से 6,000 रूपए के नए नोट बरामद किए गए।

बीएसएफ ने बताया कि चरिअनंतपुर गांव के सीमांत इलाके में सीमा पार से प्लास्टिक पैकेट में बंद दो लाख रुपये के जाली नोट इस पार फेंके गये। यह नोट लेने के लिए एक तस्कर पहुंचा हुआ था, लेकिन जवानों ने उसका पीछा किया तो वह भाग गया। इसके बाद जवानों ने पैकेटबंद नोटों को अपने कब्जे में ले लिया। बीएसएफ जवानों ने बरामद जाली नोटों को दक्षिण बंगाल सीमांत मुख्यालय में आगे की जांच के लिए भेजा है। एनआइए ने जिस युवक को गिरफ्तार किया, उसके पास से जाली नोट मनीबैग में मिले।

 गिरफ्तार उमर फारूक को बुधवार को एनआइए अधिकारियों ने अदालत में पेश कर तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर ले लिया है।

उसके खिलाफ साल 2015 में बिहार के पटना इलाके में जाली नोट का धंधा करने का मामला दर्ज हुआ था। केन्द्रीय जांच एजेंसी और बिहार पुलिस काफी दिनों से उसकी तलाश में थी। गुप्त सूत्रों से मिली खबर के आधार पर मंगलवार रात उसे दबोच लिया गया। बुधवार को जब उसे मालदा अदालत में पेश किया गया, तो उसके परिवार के लोग भी वहां पहुंचे हुए थे।  

 

एनआइए के अधिकारियों ने बताया कि 21 साल की उम्र में ही उमर फारूख जाली नोट के धंधे का बड़ा सरगना बन गया है। उसके खिलाफ दूसरे राज्य में जाली नोट के तस्करी का मामला दर्ज है। काफी दिनों से वह फरार चल रहा था। उसके ऊपर नजर रखी जा रही थी। मौका देखकर अभियान चलाया गया और छह हजार रुपये के जाली नोट के साथ उसे दबोच लिया गया। वह जाली नोट कहां से लाया, इस बारे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है।