200 कंपनियों को अपने लिस्ट से हटाएगी BSE, प्रमोटरों पर लगेगा 10 साल का बैन

मुंबई (22 जुलाई): देश का प्रमुख शेयर बाजार  BSE कल अपने लिस्ट से 200 कंपनियों को हटाने जा रहा है और इनके प्रमोटरों पर 10 साल की पाबंदी भी लगाने जा रहा है। पिछले एक दशक से इन कंपनियों के शेयरों में लेनदेन निलंबित है। इन सभी कंपनियों की सूचीबद्धता 23 अगस्त को समाप्त हो जाएगी।

BSE यह कदम ऐसे वक्त में उठाने जा रहा है जब नियामकीय प्राधिकरण मुखौटा कंपनियों और सूचीबद्ध कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं क्योंकि इनका उपयोग कथित तौर पर अवैध कोष के हेर-फेर के लिए होता है। गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में बाजार नियामक सेबी ने शेयर बाजारों को 331 संदेह के घेरे वाली मुखौटा कंपनियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

डीलिस्ट होने वाली इन कंपनियों में एथिना फाइनेंशियल सर्विस, अंकुर ड्रग्स, ब्लू बर्ड, क्रू बॉस, कुटोन्स रिटेल, पर्ल इंजीनियरिंग पॉलिमर्स, नागार्जुन फाइनेंस, अरिहंत इंडस्ट्रीज, डेक्कन क्रॉनिकल होल्डिंग, धनुष टेक्नोलॉजीज, आईओएल नेटकॉम, पारेख प्लेटिनम और स्टील ट्यूब्स ऑफ इंडिया के नाम शामिल हैं।