12 टन गेहूं के बदले नाबालिग से रेप का मामला निपटा, मानवाधिकार आयोग ने की ये अपील...

नई दिल्ली (10 मई): पाकिस्तान में एक 14 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार के मामले में जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो आरोपी दो भाइयों को 12 टन गेहूं के हर्जाने के बदले मामले को निपटा दिया गया। अब, एशियाई मानवाधिकार आयोग ने एक खुली चिट्ठी लिखकर जनता से अपील की है कि वे सिंध सरकार को चिट्ठी लिखें। जिसमें उनसे मांग करें कि आरोपियों को गिरफ्तार कर मुकदमा चलाया जाए।

ब्रिटिश अखबार 'द इंडिपेंडेंट' की रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्ताक़ मंगरियो और सुलेमान मंगरियो नाम के दो भाइयों ने कथित तौर पर नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार किया था। यह घटना सिंध प्रांत के उमर कोट जिले की है।

एशियाई मानवाधिकार आयोग की तरफ से एक खुली चिट्ठी जारी की गई है। जिसमें सिंध रूरल पार्टनर ऑर्गेनाइजेशन, वीरजी कोहली और उमर कोट यूनियन काउंसिल के चेयरमैन के हवाले से कहा गया है कि जिला अस्पताल की तरफ से बलात्कार की पुष्टि की गई थी। स्थानीय पुलिस ने रिपोर्ट भी दर्ज की थी। 

हालांकि, चिट्ठी में कहा गया कि पुलिस ने भाइयों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इसकी जगह उन्होंने एक आदिवासी अदालत, 'जिरगा' में इस मामले को इसे ले गए। जिसने फैसला किया कि कथित आरोपियों को हर्जाने में 12 टन गेहूं देने के बदले में छोड़ दिया जाएगा।

इस मामले के मीडिया में आने के बाद, एक भाई को गिरफ्तार किया गया। लेकिन दूसरे को छोड़ दिया गया। इस चिट्ठी में कहा गया है कि कथित आरोपी ताकतवर जमींदार हैं। जिन्होंने लड़की के परिवार के 14 सदस्यों को नौकरी दी थी।

इसमें कहा गया है, "सिंध के जमींदार उनके खेतों में काम करने वाले किसानों के मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामले में काफी खूंखार हैं। बलात्कार के कई मामले प्रकाश में ही नहीं आते, क्योंकि ताकतवर जमींदारों का डर बना रहता है।"