चीनी सीमा पर बनेगी सुरंग, एक घंटे पहले पहुंचेगी सेना

नई दिल्ली ( 24 जुलाई ): सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) अरुणाचल प्रदेश में 4170 मीटर ऊंचे सेला दर्रा से गुजरने वाली दो सुरंगों का निर्माण करेगा। इस सुरंग से तवांग से होकर चीन की सीमा तक की दूरी 10 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। बीआरओ के मुताबिक इन सुरंगों से तेजपुर में सेना के 4 कोर के मुख्यालय और तवांग के बीच यात्रा के समय में कम से कम एक घंटे की कमी आएगी।

इससे बड़ी बात यह है कि इन सुरंगों से यह सुनिश्चित होगा कि एनएच-13 और खासतौर से बोमडिला तथा तवांग के बीच 171 किलोमीटर लंबे रास्ते में हर मौसम में आवागमन हो सके। सुरंगों का निर्माण पूर्वी हिमालय में राज्य के दुर्गम स्थलों से गुजरते हुए तिब्बत के अग्रिम इलाकों तक जल्दी पहुंचने की भारत की कवायद का हिस्सा है।

इस परियोजना में राष्ट्रीय राजमार्ग तक एकल मार्ग को दोहरे मार्ग में परिवर्तित करना शामिल है। इसमें सेला-छबरेला रिज के जरिए 475 मीटर और 1790 मीटर लंबी दो सुरंगों को नूरांग की ओर मौजूदा बालीपरा-चौदुर-तवांग रोड से जोड़ने की योजना है।

अरुणाचल प्रदेश में कलाक्तांग और असम में ओरांग के जरिए भूटान सीमा पर एक छोटी सड़क है लेकिन उसका ज्यादा इस्तेमाल नहीं किया जाता। सेला सुरंग से तवांग में पर्यटन की संभावनाएं उभरेंगी और ज्यादा पर्यटक आकर्षित करने से तवांग पूर्वोत्तर में सबसे मशहूर स्थल बनेगा।