बॉर्डर पर भारत ने चीन को ऐसे दिया जवाब

नई दिल्ली(3 नवंबर): सीमाओं पर ढांचागत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बढ़ाते हुए भारत ने लद्दाख में वाहन चलने योग्य दुनिया की सबसे ऊंची सड़क बना दी है। 

- बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) ने जम्मू-कश्मीर के लद्दाख में यह सड़क बना कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। बीआरओ की ओर से बनाई गई यह सड़क लद्दाख के उमलिंगा टॉप से होकर गुजरेगी, जो 19,300 फुट की ऊंचाई पर है। 

- बीआरओ के प्रॉजेक्ट हिमान्क के तहत इस सड़क का निर्माण किया गया है। बीआरओ के प्रवक्ता ने बताया कि यह लेह से 230 किमी दूर हानले के पास स्थित है। चिसुमले और डेमचोक जैसे सीमावर्ती गांवों को जोड़ने वाली 86 किमी लंबी सड़क रणनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण हैं।

- ये गांव पूर्वी क्षेत्र में भारत-चीन सीमा से महज कुछ ही दूरी पर स्थित हैं। इस प्रॉजेक्ट को पूरा करने को लेकर बीआरओ कर्मियों की सराहना करते हुए परियोजना के चीफ इंजीनियर ब्रिगेडियर डीएम पुरवीमठ ने कहा कि इतनी अधिक ऊंचाई पर सड़क बनाना चुनौतियों से भरा हुआ था। उन्होंने कहा कि इस स्थान की जलवायु निर्माण गतिविधियों के लिए हमेशा ही प्रतिकूल रहती है। गर्मियों में तापमान शून्य से -20 डिग्री सेल्सियस तक कम रहता है, जबकि सर्दियों में यह शून्य से 40 डिग्री नीचे चला जाता है। 

- इस ऊंचाई पर ऑक्सिजन की मात्रा भी सामान्य स्थानों से 50 फीसदी कम रहती है। उन्होंने कहा कि मशीनों और मानव शक्ति की क्षमता विषम जलवायु और कम ऑक्सिजन के चलते सामान्य स्थानों पर 50 फीसदी कम हो जाती है। इसके अलावा मशीन ऑपरेटरों को ऑक्सिजन के लिए हर 10 मिनट पर नीचे आना होता है। ब्रिगेडियर ने कहा कि इतनी ऊंचाई पर उपकरणों का रखरखाव एक और बड़ी चुनौती थी।