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अविश्वास प्रस्ताव में जीतीं थेरेसा मे, 19 वोटों से बची सरकार

ब्रिटेन में ब्रेग्जिट डील गिरने के कारण संकट में आई थेरेसा मे सरकार को बुधवार देर रात बड़ी राहत मिली। सरकार के खिलाफ ब्रिटिश संसद में लाया गया अविश्वास प्रस्ताव देर रात 1:30 बजे 19 मतों से गिर गया। प्रधानमंत्री थेरेसा की ब्रेग्जिट डील खारिज होने के बाद विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। इस पर वोटिंग हुई। अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 306 वोट और विरोध में 325 वोट पड़े। हाउस ऑफ कॉमन्स में 650 सदस्य हैं।

न्यूज24 ब्यूरो,नई दिल्ली (17 जनवरी):  ब्रिटेन में ब्रेग्जिट डील गिरने के कारण संकट में आई थेरेसा मे सरकार को बुधवार देर रात बड़ी राहत मिली। सरकार के खिलाफ ब्रिटिश संसद में लाया गया अविश्वास प्रस्ताव देर रात 1:30 बजे 19 मतों से गिर गया। प्रधानमंत्री थेरेसा की ब्रेग्जिट डील खारिज होने के बाद विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। इस पर वोटिंग हुई। अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 306 वोट और विरोध में 325 वोट पड़े। हाउस ऑफ कॉमन्स में 650 सदस्य हैं।

ब्रिटिश संसद यानी हाउस ऑफ कॉमन्स में थेरेसा मे के समझौते के पक्ष में 202 वोट और विरोध में 432 वोट पड़े थे। यहां तक कि उनकी अपनी कंजर्वेटिव पार्टी के 118 सांसदों ने भी उनके प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।  इसके बाद विपक्षी लेबर पार्टी थेरेसा मे सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाई, जिस पर भारतीय समयानुसार बुधवार देर रात वोटिंग कराई गई। इस वोटिंग में थेरेसा मे के समर्थन में 325 सांसद खड़े नजर आए और उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोटिंग की, जबकि 306 सांसदों ने विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया। इस तरह थेरेसा मे जीत गईं और उनकी सरकार गिरने का संकट फिलहाल टल गया है।

अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद थेरेसा मे ने कहा कि ब्रिटेन की जनता सेकिए हुए वादेनिभाएंगी और विपक्षी नेताओं से इस मसले पर आगे की रणनीति तय करने के लिए बातचीत करेंगी। हालांकि लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन ने थेरेसा की अपील को खारिज कर दिया। विपक्षी लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन ने थेरेसा मे की हार को विनाशकारी बताते हुए उनके प्रस्ताव पर भी टिप्पणी की। कोर्बिने के थेरेसा के प्रस्ताव को अधकचरा और नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए कहा कि यह समझौता ब्रिटेन के लिए अंधेरे में अंधी छलांग लगाने जैसा होगा। 

थेरेसा की हार के कुछ ही मिनटों बाद जेरेमी कोर्बिन ने थेरेसा मे सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का ऐलान कर दिया। जिसके बाद पूरी दुनिया में यह चर्चा होने लगी कि थेरेसा मे की सरकार अब खतरे में है। तमाम किस्म के कयास लगाए जाने लगे. लेकिन अगले ही दिन जब इस अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग हुई तो जेरेमी कोर्बिन अपने उद्देश्य में विफल हो गए और 325 सांसदों ने थेरेसा मे का समर्थन किया। अब थेरेसा मे विश्वास मत हासिल करने के बाद ब्रेग्जिट पर गतिरोध खत्म करने के लिए आम चुनाव का भी फैसला ले सकती हैं। हालांकि समय से पहले चुनाव के लिए थेरेसा को हाउस ऑफ कॉमन्स में दो-तिहाई सांसदों का समर्थन हासिल करना होगा।

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