'समलैंगिकों के लिए सज़ा है- मौत', ऐसा उपदेश देने वाले विद्वान पर ऑस्ट्रेलिया में लगेगा 'बैन'

नई दिल्ली (14 जून): ऑस्ट्रेलिया तत्काल रूप से एक ब्रिटिश इस्लामी विद्वान के वीज़ा पर समीक्षा कर रहा है। जिसने मार्च में ऑर्लैंडो का दौरा किया था और उपदेश दिया था, कि समलैंगिक कृत्यों के लिए 'सज़ा- मौत' है।

ब्रिटिश अखबार 'द इंडिपेंडेंट' की रिपोर्ट के मुताबिक, वरिष्ठ शिया मुस्लिम विद्वान फारुख सेकलेशफार इस समय रमजान के पूरे महीने में 'आध्यात्मिकता' विषय पर सिडनी के एक इस्लामिक सेंटर में लेक्चर सीरीज कर रहे हैं। 

फारुख ने 2013 में मिशिगन में दिए एक लेक्चर में कहा था कि इस्लामी समाज में ऐसे समलैंगिकों को मौत की सज़ा दी जानी चाहिए। जो 'सोडोमी' में शामिल होते हैं। इस्लाम में यह बिल्कुल भी ऐसा नहीं होगा जिसपर निराश हुआ जाए। क्योंकि सज़ा- सज़ा होती है।

हालांकि, फारुख की टिप्पणियों और अमेरिका के उमर मतीम के बीच कोई संबंध का कोई सबूत नहीं है। ना ही मतीम के फारुख के लेक्चर अटैंड करने का। जिसने रविवार को ऑर्लैंडो के एक गे नाइट क्लब में कत्लेआम किया। जिसमें 49 लोगों की मारे गए। यह घटना अमेरिका में हुई सबसे खतरनाक गोलीबारी की घटना है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, फारुख ने कहा है कि ऑर्लैंडो शूटिंग एक बेरहमी से किया गया आतंकी कृत्य है। जिसे किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैलकॉम टर्नबॉल ने कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया में ऐसे लोगों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर सकते। जो नफरत का उपदेश देते हैं। उनकी सरकार फारुख के वीज़ा पर समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फारुख का वीज़ा एक कानूनी मामला है। इसे उपयुक्त तरीके से निपटा जाएगा। उनके वीज़ा पर मंत्री के निर्देशों पर समीक्षा की जा रही है।