सुषमा ने लगाई ब्रिटिश कॉन्सुलेट को फटकार, बोली- क्या सरोगेट बेबी अनाथालय में होनी चाहिए?

नई दिल्ली (14 सितंबर): ट्वीटर पर हमेशा एक्टिव रहकर लोगों की समस्या का समाधान करने वाली भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ब्रिटिश कॉन्सुलेट को फटकार लगाई है। मामला एक ब्रिटिश कपल द्वारा भारत में सेरोगेसी के जरिए बच्चे को पैदा करने ले जाने का है।

आपको बता दें कि भारत में सरोगेसी से माता-पिता बने ब्रिटिश कपल अपनी बेटी के पासपोर्ट बनने में हो रही देरी से परेशान हैं। दोनों का मेडिकल वीजा अक्टूबर के पहले हफ्ते में खत्म हो रहा है। इसके पहले चार महीने की बेटी को वीजा मिलना जरूरी है। ब्रिटिश कॉन्सुलेट ने कई वजह बताकर बेटी को इतनी जल्दी वीजा देने से मना कर दिया है।

जब यह मामला सुषमा के सामने आया, तब उन्होंने ट्वीट कर यूके सरकार से पूछा है- "क्या सरोगेट बेबी की नियति एक अनाथालय होनी चाहिए?"

इसके बाद उन्होंने दूसरे ट्वीट में कहा- "ब्रिटेन में कमर्शियल सरोगेसी पर बैन है... क्या ब्रिटिश सरकार इस सरोगेट बेबी को ब्रिटिश पासपोर्ट देगी?"

उन्होंने तीसरे ट्वीट में लिखा- "कमर्शियल सरोगेसी की वकालत करने वाले अब इस मसले का कोई समाधान बता सकते हैं और इस बच्ची की मदद कर सकते हैं?"

बता दें कि यूके में सरोगेसी पर बैन है। क्या है मामला... - यूके में सरे के रहने वाले इस कपल का नाम क्रिस और मिशेल न्यूमैन है। ये दोनों मेडिकल वीजा पर मुंबई में एक बेडरूम वाले फ्लैट में रहते हैं। यहां उन्होंने सरोगेसी के जरिए एक बच्ची हासिल की। जिसका नाम लिली है। - इनका वीजा 7 अक्टूबर को खत्म हो रहा है। इससे पहले उनकी चार महीने की बेटी का वीजा इश्यू होना जरूरी है। इस कपल ने 3 जून को बेटी के वीजा के लिए एप्लीकेशन दी थी। - बता दें कि भारत सरकार सरोगेसी पर बैन लगाने जा रही है। इसके लिए उसने एक ड्रॉफ्ट भी तैयार किया है।

ब्रिटिश कॉन्सुलेट का क्या कहना है? - मुंबई में ब्रिटिश कॉन्सुलेट ने इस कपल को बताया कि उनकी बेटी लिली का 7 अक्टूबर के पहले वीजा तैयार नहीं हो सकता है। लिली का पासपोर्ट तभी जारी किया जाएगा, जब हम उसके 'हितों की सुरक्षा' को लेकर आश्वस्त हो जाएंगे। इसके अलावा ब्रिटिश नेशनलिटी भी वेरिफाई की जाएगी।