बदलते दौर में भारत-चीन मजबूत करेगा दोस्ती, सीमा पर शांति बनाए रखने पर जोर

श्यामेन (5 सितंबर): बदलते दौर में भारत और चीन ने आपस में दोस्ती को मजबूत करने का फैसला किया है। इसके लिए दोनों देशों ने आपस में भरोसा बढ़ाने और सरहद पर शांति बनाए रखने से साथ-साथ आपसी बातचीत के लिए तमाम विवादित मुद्दों को सुलझाने पर सहमति जताया है। ब्रिक्स सम्मेलन के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अगल से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच ये मुलाकात एक घंटे से ज्यादा चली। इस बैठक में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत के साथ पंचशील समझौते पर साथ चलने की बात कही है। उन्होंने कहा कि चीन भारत के साथ पंचशील समझौते के तहत अपने तमाम विवादों को दूर करेगा। जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन दो बड़े पड़ोसी देश हैं, इसके साथ ही हम दोनों दुनिया की सबसे बड़े और उभरते हुए देश भी हैं। जिनपिंग ने पीएम मोदी से कहा कि वह भारत के साथ मिलकर पंचशील समझौते के 5 सिद्धांतों पर साथ चलने को तैयार हैं।

एम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की बातचीत के बाद विदेश सचिव एस जयशंकर ने सधे अंदाज में कहा कि मतभदों को कभी विवाद नहीं बनने देंगे। भारत के इस बयान से साफ हो गया कि पंचशील सिद्धांतों के तहत ही चीन और भारत को आगे बढ़ने की जरुरत है। एस जयशंकर ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच ब्रिक्स के मुद्दों पर बातचीत हुई। दोनों देशों ने द्विपक्षीय बैठक में 'प्रगतिशील दृष्टिकोण' अपनाया है। ब्रिक्स को और प्रासंगिक बनाने की बात हुई है। चीन ने ब्रिक्स के लिए प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोम की सराहना की। चीनी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि भारत और चीन के बीच स्वस्थ्य, स्थिर रिश्ते दोनों देशों के लोगों के लिए जरूरी हैं। हम विश्व के 2 सबसे बड़े और उभरते देश हैं। 


मोदी-चिनफिंग मुलाकात के बाद भारत का बयान...

- आपसी भरोसा बढ़ाने की जरुरत।

- बदलते दौर में दोस्ती मजबूत करने की आवश्यकता।

- ब्रिक्स को और मजबूत बनाने पर बल।

- सीमा पर शांति बनाए रखने की जरुरत।

- शांति के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ना चाहता है भारत

- मतभेदों को विवाद में नहीं बदलने देंगे।

- दोनों नेताओं में सकारात्मक बातचीत हुई।

-पीएम और चिनफिंग के बीच 1 घंटे बातचीत हुई