डोकलाम के बाद ब्रिक्स में भी भारत के आगे झुका चीन, चिनपिंग को उठाना पड़ा ये मुद्दा

श्यामन (3 अगस्त): डोकलाम में भारत के हाथों चारोंखाने चित होने के बाद एकबार फिर चीन के झुकना पड़ना है। ब्रिक्स सम्मेलन में आतंकवाद का मुद्दा पर चर्चा ना करने पर अड़े चीन को भारत की तल्खी के बाद सम्मेलन के पहले ही दिन इस मुद्दे को उठाना पड़ा। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ब्रिक्स समारोह के अपने उद्धाटन संबोधन में ब्रिक्स देशों  (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) से भी तरह के आतंकवाद से लड़ने के लिए एक समग्र रुख अपनाने और इसके लक्षणों तथा मूल कारणों को हल करने की अपील की, ताकि आतंकवादियों को छिपने के लिए कोई जगह ना मिल सके।

उन्होंने कहा कि मैं इस बात से सहमत हूं कि जब तक हम सभी तरह के आतंकवाद से लड़ने का एक समग्र रुख अपनाते रहेंगे और इसके लक्षण एवं मूल कारणों का हल करते रहेंगे, तब तक आतंकवादियों के पास छिपने की कोई जगह नहीं होगी। साथ ही चिनपिंग ने ब्रिक्स देशों से भू-राजनीतिक मुद्दों का हल करने की प्रक्रिया में रचनात्मक रूप से भाग लेने और इसमें वाजिब योगदान देने की भी अपील की।


गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान में अमेरिकियों की हत्या करने वालों को सुरक्षित पनाहगाह देने को लेकर चीन के करीबी सहयोगी पाकिस्तान पर प्रहार किया था। ट्रंप ने इस्लामाबाद को चेतावनी दी थी कि आतंकवाद को संरक्षण देने पर वह और नुकसान में रहेगा।