ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, शांति और विकास के लिए आपसी सहयोग जरूरी

नई दिल्ली (4 सितंबर): चीन के श्यामन ब्रिक्स सम्मेलन की शुरुआत हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने चीन पहुंच चुके हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीएम मोदी का औपचारिक स्वागत किया। ये ब्रिक्स का 9वां सम्मेलन है। ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल है। ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि शांति और विकास के लिए ब्रिक्स देशों में आपसी सहयोग जरूरी है। 

दरअसल, पीएम ने सीधे तौर पर पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद और चीन द्वारा उसे शह देने के बारे में जिक्र तो नहीं किया, लेकिन एक्सपर्ट पीएम की इस टिप्पणी को उसी से जोड़कर देख रहे हैं। 

चीन के शियामेन में शहर में हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन में मोदी ने अपनी स्पीच में सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि एकजुट होकर ही शांति और विकास का लक्ष्य पाया जा सकता है। उम्मीद की जा रही है कि ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी आतंकवाद का मुद्दा उठा सकते हैं। 

मुमकिन है कि सोमवार शाम या मंगलवार को ज्वाइंट स्टेंटमेंट में वह ऐसा कर सकते हैं। चीन ने भारत से कहा था कि वह ब्रिक्स में आतंकवाद का मुद्दा न उठाए।

पीएम मोदी की मुख्य बातें

-हम गरीबी को हटाने के लिए मिशन मोड में काम कर रहे हैं ताकि स्वास्थ्य, साफ-सफाई, तकनीकी कौशल, खाद्य सुरक्षा, लैंगिक समानता, उर्जा और एजुकेशन के क्षेत्र में बेहतरी हो सके।

-हमने काले धन के खिलाफ जंग छेड़ी है। स्वच्छता अभियान शुरू किया है। भारत गरीबी से लड़ रहा है। अगला दशक बेहद अहम होने जा रहा है। ब्रिक्स देशों पर बदलाव का जिम्मा है।

-भारत एक युवा देश है और यही हमारी ताकत है। भारत के 80 करोड़ युवा ही हमारी ताकत है। स्वास्थ्य, शिक्षा, सव्च्छता के लिए अगला दशक अहम है।

-इस सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि शांति और विकास के लिए सहयोग की जरूरत है। 

-हमारा देश युवा और यही हमारी ताकत।

-सदस्य देशों को आपसी सहयोग बढ़ाने की जरूरत।

-विकास के काम के लिए नई पहल।

-ब्रिक्स बैंक ने कर्ज देने शुरु किए।

-हमने कालेधन के खिलाफ जंग छेड़ी।