BREAKING: संसद में जारी गतिरोध से राष्ट्रपति निराश, कहा-नेताओं को संसद में धरना देने के लिए नहीं चुना जाता

नई दिल्ली (8 दिसंबर): नोटबंदी के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष में सियासी संग्राम जारी है। इस मुद्दे पर संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र में ठीक के एक दिन भी कोई कामकाज नहीं हो पाया है। संसद में जारी गतिरोध पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने असंतोष जाहिर किया है। उन्होंने कहा है कि संसद में गतिरोध को किसी भी तरह स्वीकार नहीं किया जा सकता। साथ ही उन्होंने कहा कि नेताओं को संसद में धरना देने के लिए नहीं चुना जाता।

आपको बता दें की नोटबंदी के मुद्दे पर संसद में लगातार गतिरोध जारी है। नोटबंदी को जहां सरकार और बीजेपी देश के विकास के लिए जहां संजीवीनी बता रही है वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष में संसद से लेकर सड़क तक संग्राम जारी है। 

इस मुद्दे को लेकर संसद का शीतकालीन सत्र अब तक ठीक से एक भी दिन नहीं चल पाया है। इस मुद्दे पर आज भी लोकसभा और राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। हंगामे की वजह से राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही कल यानी शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। वहीं लोकसभा में विपक्षी नेताओं ने केंद्र के खिलाफ जमकर नारे लगाए। लोकसभा में विपक्षी नेताओं ने 'प्रधानमंत्री होश में आओ' और 'तानाशाही नहीं चलेगी' के नारे लगाए।